
सरस्वती की जगह विश्वविद्यालयों में हो रही है लक्ष्मी पूजा: पूजा कश्यप।
दरभंगा: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय सहित राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति की वित्तीय संपत्ति की जांच कराकर कारवाई करने की मांग की है। अपने मांगों को लेकर विद्यार्थी परिषद् से जुड़े छात्रों ने समाहरणालय के धरनास्थल पर एक दिवसीय धरना दिया।
धरनास्थल पर लोगों को संबोधित करते हुए प्रांत सह मंत्री पूजा कश्यप ने कहा कि शिक्षा का मंदिर सरस्वती साधना का स्थल है, लेकिन बिहार के सभी विश्वविद्यालयों को कुलपतियों ने लक्ष्मी का

पूजा स्थल बना दिया है। आये दिन जिस प्रकार से बिहार के सभी विश्वविधालयों के कुलपतियों का काला करतूत उजागर हो रहा है, वह चिंतनीय है। हम बिहार सरकार से अविलम्ब सभी कुलपतियों की वित्तीय सम्पत्तियों की जांच करने का आग्रह करते हैं।
विभाग संयोजक सुमित सिंह ने कहा कि ललित नारायण मिथिला विश्वविधालय के कुलपति का भी छिपा काला करतूत धीरे-धीरे खुल रहा है। कुलपति टेंडर का खेल खेलकर बहुत सारे छात्रों का रिजल्ट पेंडिंग करवाए हुए हैं।
जिला संयोजक उत्सव परासर ने कहा कि विश्वविद्यालय में बहुत सारे छात्र बहुत संघर्ष से पढ़ते हैं। उनके गार्जियन ठेला चलाकर, रिक्शा चलाकर और कई तरह के मजदूरी कर अपने बच्चों का नामांकन

विश्वविद्यालय में करवाते हैं, लेकिन विश्वविद्यालयों को लूटने में लगे कुलपतियों द्वारा उनका सेशन लेट कर, रिजल्ट पेंडिंग करवाकर, ज्यादा पैसा के चक्कर में टेंडर का चक्कर फंसवा कर छात्रों के जीवन के साथ खेलते हैं। इन कुलपतियों के खिलाफ अभाविप ने मोर्चा खोल दिया है। मगध, मिथिला विश्वविद्यालय समेत सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति की वित्तीय अनियमितता की जांच की जाय।
धरना के बाद राजभवन के नाम 3 सूत्री मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा गया। धरना स्थल के कार्यक्रम का संचालन प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मणिकांत ठाकुर ने किया। इस मौके पर दीपक कुमार मिश्र, प्रीति झा, सूरज मिश्र, अंकुश कुमार झा, प्रियांशु कुमार, ज्ञान रंजन चौधरी, रवि यादव, नवनीत चौधरी, आशुतोष गौरव, हरिओम झा, मुकेश कुमार झा आदि उपास्थित थे।

