
बिना पैसा दिए प्रसूता को नही मिलती अस्पताल से छुट्टी, प्राधिकार सचिव के निरीक्षण में खुली पोल।
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दरभंगा: सरकारी अस्पतालों के महंगे इलाज और इलाज का पैसा नही देने पर मरीज को बंधक बनाने की खबरें तो अक्सर आती रहती है। पर दरभंगा में सरकारी अस्पतालों के कर्मियों का रुतबा भी कुछ कम नही है। मुफ्त इलाज, जांच और दवा आदि की कितनी सुविधा मरीजों को मिलती है, यह किसी से छिपा नही है।
शनिवार को कुछ ऐसा ही नजारा सामने आया है जिले के बहादुरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का, जहां एक प्रसूता को इसलिए बंधक बना

लिया गया क्योंकि उसकी सास ने कर्मियों को खुशनामा के नजराने के रूप में पैसे नही दिए थे।
संयोगवश उसी दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जावेद आलम नागरिक सुविधाओं का निरीक्षण करने बहादुरपुर पीएचसी पहुंचे। उस समय उक्त महिला पैसा मांगे जाने के विरोध में हंगामा कर रही थी। उसे हल्ला करता देख श्री आलम ने उससे पूरी जानकारी ली और जांच का आश्वासन दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बरुआरा पंचायत की पड़री निवासी बनारसी देवी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव के सामने हेल्थ मैनेजर की उपस्थिति में अस्पताल प्रबंधन पर गम्भीर आरोप

लगाया। उनकी बहू सोनी देवी का डिलीवरी करवाने अस्पताल आयी। डिलीवरी होने के बाद उनकी बहू को अस्पताल से छुट्टी नही दिया जा रहा था। उनका आरोप था कि वहां के स्टाफ द्वारा पैसे की मांग की जा रही है। पैसे दिए बिना जाने नही दिया जा रहा था।
इसपर प्राधिकार के सचिव जावेद आलम ने उपस्थित हेल्थ मैनेजर को पूरा मामला देखने को कहा।
निरीक्षण के सम्बंध में श्री आलम ने बताया कि वे अस्पताल में मिल रही नागरिक सुविधाओं, बेड एवं मरीजों की स्थिति आदि का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इसी दौरान बनारसी देवी की शिकायत सामने आयी है। मामले पर हेल्थ मैनेजर से रिपोर्ट मांगी गयी है। यदि घटना सत्य पायी जाती है तो दोषियों पर कारवाई निश्चित रूप से होगी।

