Home Featured शौचालय घोटाला में बड़ी कारवाई, नगर निगम की मेयर, डिप्टी मेयर सहित सात पार्षदों की गयी कुर्सी।
Featured - मुख्य - December 8, 2021

शौचालय घोटाला में बड़ी कारवाई, नगर निगम की मेयर, डिप्टी मेयर सहित सात पार्षदों की गयी कुर्सी।

दरभंगा: दरभंगा नगर निगम में नौ शौचालयों की बंदोबस्ती के दौरान 27 लाख 19 हजार रुपयों की अनियमित छूट देने के मामले में यहां की मेयर वैजयंती देवी खेड़िया डिप्टी मेयर बदरूज्जमां खां उर्फ बाबी खान को नगर विकास एवं आवास विभाग ने तत्काल प्रभाव से पद मुक्त कर दिया है। साथ ही सशक्त स्थाई समिति भी भंग करते हुए सदस्यों की सदस्यता समाप्त कर दी गई है। इसी के साथ दरभंगा नगर निगम के मेयर व डिप्टी मेयर का पद रिक्त हो गया है।

विभाग के उप सचिव की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इस सिलसिले में प्राप्त शिकायतों के आलोक में विभिन्न स्तरों पर हुई जांच के बाद विभाग की ओर से मेयर डिप्टी मेयर और सशक्त स्थाई समिति के सदस्यों से स्पष्टीकरण पूछा गया था। स्पष्टीकरण

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को संतोषजनक नहीं पाते हुए विभाग ने बिहार नगर पालिका अधिनियम 2007 की धारा 17(4) के तहत छह दिसंबर से मेयर डिप्टी मेयर व सशक्त स्थाई समिति के सभी सदस्यों को पद मुक्त किया है। सभी को दरभंगा नगर निगम में शौचालयों की बंदोबस्ती की कुल राशि 66 लाख 585 में से कुल 2719008 रुपए की अनियमित छूट दिए जाने का दोषी पाया गया है।

बताया गया है कि आयुक्त द्वारा कराई गई जांच प्रतिवेदन में बताया गया कि 25 अगस्त 2016 से 24 अगस्त 2019 तक नौ शौचालयों की बंदोबस्ती के उपरांत बंदोबस्ती राशि 66 लाख 585 रुपये में कुल 27 लाख 19 हजार आठ रुपये की अनियमित छूट देने का आरोप

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मेयर, डिप्टी मेयर और सशक्त स्थाई समिति के सदस्यों के खिलाफ सत्य पाया गया है। इस आलोक में सशक्त स्थाई समिति के सदस्यों से स्पष्टीकरण मांगा गया। सदस्यों ने 22 सितंबर 2021 को जवाब भेजा। इसे अस्वीकार करते हुए विभाग ने समिति के सदस्य अजय जालान, सोहन यादव, सुबोध कुमार, मो. सिबगतुल्लाह, विनोद मंडल, आशा किशोर प्रजापति व नूसरत आलम को दोषी पाते हुए सभी को पदमुक्त कर दिया है।

बताते चलें कि याद इस विषय को लेकर वार्ड पार्षद प्रदीप गुप्ता, शंकर जायसवाल व अन्य ने तत्कालीन आयुक्त 25 जुलाई 2018 को तत्कालीन आयुक्त मयंक बड़बड़े से शिकायत दर्ज कराई थी। कहा था कि मेयर, डिप्टी मेयर और सशक्त स्थाई समिति के सदस्यों ने मिलकर अनियमित तरीके से शौचालय बंदोबस्ती में 27 लाख 19

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हजार की अनुचित छूट दी है। मामले की जांच के बाद हकीकत सामने आई थी। विभागीय स्तर पर बिहार नगरपालिका अधिनियम के तहत प्रक्रिया पूरी करने के बाद अब यह फैसला आया है। फैसले के बाद शहर की राजनीति गरमा गई है।

वहीं इसपर प्रतिक्रिया देते हुए मेयर वैजयंती देवी खेड़िया ने कहा कि उनकी ओर से विभाग को भेजे गए जवाब में तमाम सत्य बताए गए थे। बावजूद इसके इस मामले में एकतरफा कार्रवाई हुई है। इस मामले को लेकर न्यायालय में जाएंगे। न्यायालय पर भरोसा है। वहां से आनेवाले फैसले पर भरोसा है।

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