
दरभंगा के आपदा प्रबंधन एडीएम अनिल कुमार सिन्हा के ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई का छापा।
दरभंगा: दरभंगा में आपदा प्रबंधन विभाग के नव पदस्थापित एडीएम अनिल कुमार सिन्हा के दरभंगा एवं पटना सहित कई ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने एकसाथ छापेमारी की है।
दरअसल अनिल कुमार सिन्हा इससे पूर्व औरंगाबाद के डीडीओ के पद पर थे। उसी दौरान उनपर बालू माफियाओं का साथ देकर अकूत संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
इसी मामले को लेकर आर्थिक अपराध इकाई ने अनिल कुमार सिन्हा

के खिलाफ गुरुवार को कार्रवाई शुरू कर दी। वर्तमान में अनिल कुमार सिन्हा दरभंगा में एडीएम (आपदा प्रबंधन) की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। आर्थिक अपराध इकाई की चार अलग-अलग टीमें इस वक्त इनके तीन ठिकानों को खंगाल रही हैं।
एक टीम पटना में गोला रोड स्थित घर और दूसरी पटना के ही मजिस्ट्रेट कॉलोनी में स्थित घर पर छापेमारी कर रही है। तीसरी टीम दरभंगा में इनके सरकारी ऑफिस और घर को सर्च कर रही है।

जबकि, चौथी टीम भोजपुर जिले में आरा के रतनपुर गांव में स्थित पुश्तैनी घर को खंगाल रही है।
इन पर आरोप है कि औरंगाबाद में डीटीओ रहते वक्त अवैध बालू खनन करने वाले माफिया का जमकर साथ दिया। बालू की ओवरलोड गाड़ियों को बड़े आराम से जाने दिया। बिचौलियों की भी ये खूब मदद करते थे। सरकारी नौकरी में रहकर भ्रष्टाचार में लिप्त रहते थे। इसके एवज में इन्होंने काली कमाई की। इसके जरिए बड़े पैमाने पर चल-अचल संपत्ति अर्जित की। जब इनकी शिकायतें मिलने लगी तो सरकार से मिले आदेश के बाद गुप्त तरीके से इन पर लगे आरोपों की जांच हुई। फिर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
बता दें कि भोजपुर जिले के आरा मुफस्सिल थाना के रतनपुर गांव में अनिल कुमार कुमार सिन्हा का पैतृक घर है। उनके खिलाफ निगरानी

ने मामला दर्ज कराया था। इसके बाद कोर्ट से सर्च वारंट जारी किया गया था। सूत्रों का कहना है कि जांच-पड़ताल में अकूत कमाई का पता चला है। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है
इनदिनों बिहार में भ्रष्टाचार करने वाले सरकारी अफसरों के खिलाफ मुहिम को तेज कर दिया गया है। बुधवार को ही स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने शराब माफिया का साथ देने वाले मोतिहारी के एक्साइज सुपरिटेंडेंट अविनाश प्रकाश के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। नाजायज तरीके से अर्जित किए गए करोड़ों रुपए की चल-अचल सपंत्ति का खुलासा हुआ था।

