
सदी में विरले ही जन्म लेते हैं ललित बाबू जैसे व्यक्तित्व के व्यक्ति: कुलपति
दरभंगा: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय परिसर स्थित ललित पार्क में स्व. ललित नारायण मिश्र के शताब्दी जयंती वर्ष के अवसर पर ललित बाबू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कार्यक्रम बुधवार को हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. सुरेंद्र प्रताप सिंह ने की।
इस मौके पर कुलपति ने कहा कि स्व. ललित बाबू जैसे व्यक्तित्व के व्यक्ति सदी में विरले ही जन्म लेते हैं। ललित बाबू मां भारती की सेवा के साथ-साथ जन्मभूमि बिहार के विकास के लिए सदैव तत्पर रहे। उनकी सकारात्मक सोच और ऊर्जा के कारण ही देश के कई क्षेत्रों में रेल विभाग ने कीर्तिमान स्थापित किया और बिहार में बड़ी रेल लाइन उन्हीं की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। उन्होंने कहा कि कोरोना के

कारण यह कार्यक्रम माल्यार्पण तक ही सीमित रखना पड़ रहा है, लेकिन वातावरण ठीक होने के बाद ललित बाबू की जन्मसदी के मौके पर वृहत कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे।
प्रति कुलपति प्रो. डॉली सिन्हा ने कहा कि मैथिली भाषा को भारतीय लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में शामिल कराने का श्रेय भी ललित बाबू को ही जाता है। इसका लाभ इस झेत्र के लोगों को अद्यतन प्राप्त हो रहा है।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित झंझारपुर विधायक व ललित बाबू के भतीजे नीतीश मिश्र ने कहा कि ललित बाबू ने जो विकास की बुनियाद रखी थी उसी पर बिहार आगे बढ़ते हुए नए कीर्तिमान स्थापित कर सकता है। उन्होंने कहा कि कुछ करने के लिए सौ वर्षों तक जीवित रहना आवश्यक नहीं है, बल्कि अल्प समय में भी ऐसे कार्य किये जा सकते हैं ताकि लोग आगे सौ वर्षों तक आपके कार्य अविस्मरणीय रहें। ललित बाबू ऐसे ही विरल व्यक्तित्व थे। उन्होंने

ललित बाबू की सौवीं जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम के लिए भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य डॉ. निर्भय शंकर भारद्वाज की काफी सराहना की।
कुलसचिव डॉ. मुश्ताक अहमद ने भी इस कार्य के लिए डॉ. भारद्वाज की सराहना की। नगर विधायक संजय सरावगी ने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि आदरणीय ललित बाबू जन-जन के नेता के साथ ही समाज और राष्ट्र के हित के लिए अनवरत सेवारत रहे। जनसेवा के

क्रम में ही वे शहीद हो गए। अधिषद सदस्य डॉ. बैधनाथ चौधरी बैजू ने भारत सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया कि इस बार के बजट में स्व. ललित बाबू एवं स्व. कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने तथा समस्तीपुर रेलवे जंक्शन का नाम ललित बाबू के नाम पर रखने का प्रस्ताव दिया है।
अतिथियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कुलसचिव प्रो. मुश्ताक अहमद ने कहा कि मिथिला और बिहार के प्रत्येक घर में ललित बाबू की जयंती मनाई जानी चाहिए। आजादी के अमृत महोत्सव, विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती वर्ष में ललित बाबू का जन्मशती वर्ष होना ऐतिहासिक एवं सुखद संयोग है। कोरोना के बाद अनुकूल

स्थिति होने पर विश्वविद्यालय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी जनप्रतिनिधियों के सहयोग और निर्देश पर ललित बाबू का जन्मशती समारोह भव्यतापूर्वक आयोजित किया जायेगा।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, पदाधिकारी, कर्मचारी, सामाजिक कार्यकर्ता तथा छात्र छात्रा उपस्थित थे।

