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Featured - मुख्य - February 7, 2022

कोविड टीकाकरण की प्रगति को लेकर प्रखंडवार की गयी समीक्षा।

दरभंगा: बाबा साहेब डॉ. भीमराव आम्बेदकर सभागार में सोमवार को डीएम राजीव रौशन की अध्यक्षता में कोविड-19 से सुरक्षा व बचाव के लिए चलाये जा रहे टीकाकरण अभियान के अन्तर्गत 15 से 18 उम्र वर्ग, फ्रंटलाईन वर्कर, हेल्थकेयर वर्कर एवं 60 वर्ष से अधिक उम्र वालों के टीकाकरण कार्य की प्रगति की समीक्षा प्रखंडवार की गयी।

समीक्षा के क्रम में न्यूनतम प्रगति वाले प्रखंड जैसे जाले, बेनीपुर, हनुमाननगर, केवटी एवं मनीगाछी सहित उन सभी प्रखंडों जिनकी उपलब्धि 60 प्रतिशत से कम रही है, से जबाब-तलब किया गया। उनके दिये गये तर्क को डीएम ने नाकाफी मानते हुए कहा कि इन प्रखंडों में पूरे मनोयोग से काम नहीं किया जा रहा है तथा लोगों में जागरुकता की कमी है।

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उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति कोविड का एक टीका ले चुका है, उसे दूसरे खुराक का टीका लेने में कोई संकोच नहीं हो सकता। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आशा, ममता एवं आशा फेसलिटेटर एवं टीका टाइगर एक्सप्रेस को लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रखंडस्तरीय नियंत्रण कक्ष से ड्यू लिस्ट के लाभार्थियों को कॉल कर टीका लेने के लिए प्रेरित किया जाए।

साथ ही टीका दल सुबह नौ बजे अपने-अपने क्षेत्र में उपस्थित रहें। यदि लाभार्थी लाईन में हैं तो टीका देने के बाद ही शाम में अपना स्थान छोड़ें। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से बचाव का एक ही विकल्प है टीकाकरण। यदि हम टीकाकृत नहीं होते तो तीसरी लहर में भारी नुकसान होता। टीका के कारण ही तीसरी लहर नुकसानदेह नहीं रहा।

उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों से सहयोग प्राप्त करें। यदि कोई जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र को पूर्णत: टीकाकृत करा देते हैं और इसका वे दावा करते हैं तो जांच दल भेजकर जांच करवा ली जाएगी और सही पाए जाने पर उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हेल्थकेयर वर्कर एवं फ्रंटलाइन वर्कर जब तक प्रिकॉशनेरी डोज का टीका नहीं लेते हैं, तब तक उनके वेतन का भुगतान नहीं किया जाना है।

यदि कोई निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी द्वारा इसका अनुपालन नहीं किया जा रहा है, तो फिर उनके वेतन पर रोक लगायी जाएगी। उन्होंने जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी को प्रिकॉशनेरी डोज के लिए टीकाकरण को डीएमसीएच एवं शहरी क्षेत्र के निजी अस्पतालों के लिए अलग से अभियान चलाने का निर्देश दिया। साथ ही सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को अपने-अपने क्षेत्र के निजी अस्पतालों के लिए एक अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।

न्यूनतम प्रगति वाले प्रखंडों को चेतावनी देते हुए उन्होंने एक सप्ताह का समय दिया और कहा कि अगर एक सप्ताह में वांछित प्रगति नहीं होती है तो कार्रवाई करने के लिए हम बाध्य होंगे। उक्त बैठक में डीडीसी तनय सुल्तानिया, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. अमरेन्द्र कुमार मिश्र, उप निदेशक, जनसम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, वरीय उप समाहर्ता सत्यम सहाय, जिला कृषि पदाधिकारी राधा रमण, पीडी (आत्मा) पूर्णेन्दु नाथ झा, जिला प्रोग्राम पदाधिकरी (आईसीडीएस) डॉ. रश्मि वर्मा, डीपीएम (मध्याह्न भोजन) संजय देव कन्हैया, डीपीएम (हेल्थ) विशाल कुमार, यूनिसेफ के डॉ. शशिकान्त सिंह, केयर इंडिया की जिला समन्वयक डॉ. श्रद्धा झा एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे। वहीं सभी बीडीओ, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व सीडीपीओ ऑनलाईन जुड़े हुए थे।

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