
पारिवारिक बंटवारे के मामले में करोड़ों रुपये मूल्य तक के अचल संपत्ति का बंटवारा कर सकता है ग्राम कचहरी : जावेद आलम।
दरभंगा: जाले प्रखंड मुख्यालय स्थित आईटी भवन में मंगलवार को न्यायालयों में मामलों के बढ़ते दबाब को कम करने, लोक अदालत को कार्यशील करने और पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में दरभंगा व्यवहार न्यायालय के अपर न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव जावेद आलम ने जाले प्रखंड के सरपंच, उपसरपंच, पंच, न्यायमित्र एवं ग्राम कचहरी के सचिवों को न्यायालय की प्रक्रियाओं एवं ग्राम कचहरी स्तर पर सुलझाए जाने वाले मामलों को लेकर न्यायिक पहलुओं की जानकारी दी।

उन्होंने ग्राम कचहरी के सचिवों को प्रत्येक दिन ग्राम कचहरी पहुंचनकर पंजियों के निर्धारण की विधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्राम कचहरी स्तर पर एक हजार रुपए तक के आर्थिक दंड दिए जाने का प्रावधान है। इससे ऊपर के आर्थिक दंड का निर्धारण ग्राम कचहरी के अधिकार से बाहर है। उन्होंने पंचों से गुजारिश करते हुए कहा कि पंच परमेश्वर होते हैं, इसलिए वे अपने आत्मबल को बढ़ाते हुए, बिना किसी दबाव के निर्भीकतापूर्वक पंचायत करने को कृत संकल्पित रहें।
न्यायाधीश ने कहा कि ग्राम कचहरी को पारिवारिक बंटवारे के मामले में करोड़ों रुपये मूल्य तक के अचल संपत्ति का बंटवारा करने का अधिकार है। उन्होंने सरपंचों से कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वे अपने इलाके के चौकीदारों की सेवा ले सकते है। उन्होंने कहा कि सरपंचों को जहां कहीं कानूनी पेंच नजर आए वे कानूनी समाधान के लिए न्याय मित्रों की मदद लें, उन्हें ग्राम कचहरी में सरपंचों की मदद के लिए हीं रखा गया है।
इस दौरान न्यायाधीश ने थानाध्यक्ष यशोदानन्द पांडेय से ग्राम कचहरी स्तर पर समाधान होने योग्य विवादों को संबंधित ग्राम कचहरियों को ही भेजने को कहा। न्यायाधीश ने सीओ राकेश कुमार से आमजन की समस्याओं को समय से विधि सम्मत समाधान करने को कहा। इस मौके पर पीएलबी रिंकू कुमारी भी मौजूद थीं।

