
जमीन कब्जा केलिए पूरे परिवार को जिंदा जलाने का प्रयास, ताजा हुई मनोज चौधरी हत्याकांड की याद।
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दरभंगा: दरभंगा शहर में भूमाफियाओं का कहर जबतब भयंकर रूप में सामने आता रहा है। कुछ वर्ष पूर्व शहर के लहेरियासराय में स्वीट होम के निकट भूमाफियाओं ने कबिलपुर निवासी मनोज चौधरी को बीच चौराहे पर जिंदा जला डाला था। पर कानून इतना मजबूर कि सरेआम इस कृत्य को करने वाले एक भी व्यक्ति को आजतक कोई सजा नहीं हुई। इसके अलावा और कई उदाहरण सामने आते रहते हैं।
इसी बढ़े हौसले का परिचय देते हुए भूमाफियाओं ने पुलिस को नतमस्तक साबित करते हुए शहर के नगर थानाक्षेत्र अंतर्गत जीएम रोड में सरेआम एक मकान पर बुलडोजर चलाकर पूरे परिवार को जिंदा जलाने का प्रयास किया है। परिजनों का आरोप है कि पूरे मामले से पुलिस अवगत थी। एकदिन पूर्व भी मकान तोड़ने का प्रयास किया गया था और परिजनों ने बड़ी घटना की आशंका जताते हुए सुरक्षा की गुहार लगायी थी। पर भूमाफियाओं के सामने नतमस्तक रहने वाली पुलिस ने कोई कारवाई नहीं की और कारवाई केलिए शायद बड़ी घटना का इंतजार करती रही।

प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर थाना क्षेत्र के जीएम रोड में गुरुवार की देर शाम जमीन विवाद में बदमाशों ने पहले घर को जेसीबी से ढाह दिया, इसके बाद घर में आग लगा दी। आग में झुलसने से तीन लोग घायल हो गए। इनमें आठ माह की एक गर्भवती महिला भी है। तीनों को गंभीर हालत में डीएमसीएच के आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया गया है। इनमें से दो की हालत गंभीर है। तीनों घायल भाई-बहन हैं। पीड़ितों का आरोप है कि घटना के समय पुलिस वहां मौजूद थी, लेकिन वह मूकदर्शक बनी रही।
उधर, घटना की सूचना मिलने पर सदर एसडीपीओ कृष्णनंदन कुमार सहित नगर और विश्वविद्यालय थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। आग में झुलसने से संजय झा, उसकी बहन पिंकी और निक्की घायल हुए हैं।

डीएमसीएच में घायल संजय ने बताया कि नबोनारायण झा के पुत्र शिव कुमार झा से हम लोगों का पूर्व से ही जमीन विवाद चल रहा है। मामला कोर्ट में है। इस मामले की जानकारी मैंने आज भी एसएसपी को दी है। इसके अलावा स्थानीय थाने की पुलिस को भी कई बार उपद्रवियों द्वारा प्रताड़ित करने की जानकारी दी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने कोई मदद नहीं की। संजय ने कहा कि रात करीब आठ बजे अचानक दर्जनों लोग मेरे घर के पास पहुंचे और जेसीबी से मेरे घर को तोड़ने लगे। मना करने पर घर में आग लगा दी। इसमें मेरी बड़ी बहन, मैं और मेरी छोटी बहन झुलस गये। मेरी हालत तो खराब है ही, मेरी बड़ी बहन पिंकी आठ महीने की गर्भवती है। डॉक्टर के मुताबिक वह 90 प्रतिशत से अधिक जल गई है।

