
भूमाफियाओं के कहर ने लिख दी एक परिवार के बर्बादी की दर्दनाक कहानी, बहन के बाद भाई की भी मौत।
दरभंगा: कुछ वर्ष पूर्व दरभंगा में भूमाफियाओं द्वारा स्वीट होम चौराहा पर दिनदहाड़े मनोज चौधरी को जिंदा जला दिया गया था, जो दरभंगा के इतिहास में सबसे बड़ी दर्दनाक घटना के रूप में प्रचलित हुई थी। पर हाल ही में गत 10 फरवरी को हुई घटना ने भूमाफियाओं के शिकार की एक और नयी दर्दनाक कहानी लिख दी है। मंगलवार की अहले सुबह इलाजरत पिंकी झा की मौत की खबर ने जहां आमजनों को झकझोर दिया था, वहीं दोपहर बीतते बीतते उसके इलाजरत भाई संजय झा के मौत की खबर आ गयी। इस खबर के बाद दरभंगा में आमजनों का गुस्सा फूट पड़ा है। लोग मुख्य आरोपी के साथ उस परिवार के आवासीय जमीन को बेचने वाले सरगना की गिरफ्तारी की मांग भी उठने लगी है।
बताते चलें कि गत 10 फरवरी की देर शाम शहर के नगर थानाक्षेत्र के जीएम रोड अवस्थित संजय झा के आवास को भूमाफियाओं ने जेसीबी से तोड़ने का प्रयास किया। विरोध करने पर पूरे परिवार को जिंदा जलाने का प्रयास किया गया। इसने चार लोग झुलस गए थे। बुरी तरह झुलसे लोगों में संजय झा एवं उनकी आठ माह की गर्भवती बहन पिंकी झा को पीएमसीएच रेफर किया गया था। तीन दिन पहले

पिंकी झा के गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गयी थी। मंगलवार के अहले सुबह पिंकी के मौत की खबर आयी। वहीं दोपहर बीतते बीतते संजय झा की भी मौत हो गयी।
इस मामले में मुख्य आरोपी शिव कुमार झा घटना के पांच दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। वहीं घटना के एकदिन पूर्व भी मकान तोड़ने की कोशिश करने पर पीड़ित परिवार द्वारा थाना से लेकर एसएसपी तक को सूचना दी गयी थी। घटना के दिन भी लगातार वरीय अधिकारियों को भी सूचना दी गयी। पर घटना घटित होने पुलिस नही पहुंची और घटना के बीस मिनट बाद घटनास्थल पर पुलिस पहुंची।
इस कारण पुलिस के मिलीभगत की चर्चा जोर पर थी। फिर भी एक तरफ जहां मुख्य अभियुक्त फरार है, वहीं पुलिस की शिथिलता पर केवल थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर कारवाई की खानापूर्ति की गयी।

