
थाना से लेकर डीजीपी तक किसी ने नहीं सुनी फरियाद, अंत में मीडिया के सामने ने लगायी गुहार।
दरभंगा: जिले में कानून व्यवस्था का हाल इन दिनों से किसी से छिपा नहीं है। इस बार देवहर उत्थान समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह जदयू नेता अवधेश लाल देव को भी जानमाल के रक्षा के खातिर अपनी आपबीती मीडिया के सामने रखनी पड़ी है। उनका आरोप है कि थाना से लेकर मुख्यमंत्री तक को शिकायत भेजने के बाबजूद किसी ने उनकी नहीं सुनी।
बुधवार को जिला अतिथि गृह आयोजित प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए अवधेश लालदेव ने बताया कि उनकी शादी बहेड़ी थाना क्षेत्र के पकड़ी निवासी स्व0 अशर्फी लाल की पुत्री पिंकी देवी से दिनांक 30 अप्रैल 2006 को हुई थी। इस शादी से उन्हें 2 बच्चे है । मेरे शादी के कुछ दिनों के बाद से ही पूर्व में माओवादी संगठन से सम्बंध रखने वाले मनोज लालदेव से प्रभावित होकर उनकी पत्नी पिंकी देवी परिवार के सदस्यों के साथ झगड़ा झंझट, मारपीट, तंग तबाह आये दिन करने लगे। मनोज लालदेव इसमें उसका साथ देता रहा। फिर उनकी पत्नी पिंकी अपने मायके में ही रहने लगी।
अवधेश लालदेव ने बताया कि इसी बीच वर्ष 2012 में उनके और उनके परिवार के नाम झूठा एफआईआर दर्ज करवा दिया फिर समझौता करके केस खत्म कर लिया गया। लेकिन इतना के बाद भी

उनकी पत्नी का व्यवहार पूर्ववत् रहा । इसी बीच 2018 में उनके ससुर स्व0 अशर्फी लालदेव का देहांत हो गया, तब उन्होंने ससुराल में जाकर ससुर का श्राद्धकर्म एवं भोज किया । इसके बाद मेरी पत्नी मेरे साथ मेरे घर आने से इंकार कर दिया , क्योंकि मेरी पत्नी पूर्व एरिया कमांडर लालदेव से प्रभावित थी।
अचानक इसके बाद दिनांक 23.01.2022 का दिन के 2 बजे मनोज लालदेव एवं उनके साथ दर्जनों के संख्या में मेरे पत्नी के साथ मेरे घर पर आधमका और इस दौरान पूरे दिन और रात लगातर 22 घंटों तक मेरे घर के सभी सदस्यों को बंधक बनाये रखा एवं उनके साथ मारपीट गाली – गलौज किया । इस दौरान मेरे द्वारा स्थानीय थाना सोनकी ओपी को सूचना दी गई और इनके जान – माल की सुरक्षा की गुहार लगाता रहा , परंतु थाना द्वारा कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया।
विदित है कि मेरी दादी की मृत्यु दिनांक 17 . 01.2022 को हो गयी थी और उस दिन श्राद्धकर्म का सातवाँ दिन था और मेरे पिता के गले में उत्तरी भी था । इसके बाद घर पर धमकी भी दिया गया कि अवधेश लालदेव को घर पर आकर श्राद्धकर्म तथा भोज नहीं करने दूंगा और अगर घर आया तो उसके साथ पूरे परिवार की हत्या कर देंगे और मेरे

पत्नी को मेरे घर पर छोड़कर सभी लोग चले गये । इसी दौरान मनोज लालदेव अपने साथियों से कहा कि अबधेश के मां – बहन को उठाकर ले चलो एवं इसके घर को लूट लो । पुनः दिनांक 25 . 02.2022 दिन के लगभग 10-11 बजे के बीच मनोज लालदेव ने हमारे गांव के बबलू लालदेव तथा डॉक्टर लाल बाबू लालदेव आदि लोगों ने मेरे घर पर आकर मेरे माता पिता से कहा कि मनोज लालदेव ने फोन पर हमलोगों को कहा कि पुनः हम उसके घर पर 25 से 30 लोगों के साथ आ रहे है ।
इस मामलों को छोटे से बड़े पुलिस अधिकारियों के पास पहुँचाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। अतः अंत मे जानमाल के रक्षा केलिए मीडिया का सहारा लेना पड़ रहा है।

