Home Featured भट्ठा संचालकों केलिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन, ईंट के मूल्य में भी हुई बढ़ोतरी।
Featured - मुख्य - March 3, 2022

भट्ठा संचालकों केलिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन, ईंट के मूल्य में भी हुई बढ़ोतरी।

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दरभंगा: सरकारी महंगाई की मार झेल रहे आम जनता केलिए अब घर बनाने का सपना भी महंगा हो गया है। गुरुवार को दरभंगा जिला ईंट निर्माता संघ ने प्रदेश अध्यक्ष की उपस्थिति में कोयले की बढ़ी कीमतों को देखते हुए ईंट का मूल्य बढाने के निर्णय पर मुहर लगा दी। अब एक नम्बर ईंट का नया मूल्य 16 हजार रुपये प्रति टेलर निर्धारित किया गया है।

दरअसल, गुरुवार को बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के द्वारा जिला मुख्यालय के एकमी रोड स्थित सूरज बैंकट हॉल में बिहार ईंट निर्माता संघ के सहयोग से भट्ठा के बेहतर संचालन केलिए तकनीकी प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इसी आयोजन के दौरान यह निर्णय लिया गया।

जयराम दास की अध्यक्षता में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य रूप से ईंट भट्टों में प्रदूषण नियंत्रण एवं कोयला बचत से संबंधित तकनीकी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों द्वारा बताया गया कि

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किस प्रकार से जिग-जैग स्वच्छतर तकनीक अपनाकर ईट भट्टों निकलने वाले वायु प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सकता है।

बतौर मुख्य अतिथि अपने संबोधन में प्रदेश अध्यक्ष मुरारी कुमार मन्नु ने बताया कि नये स्वच्छतर तकनीक से भट्ठों को परिणत करने से काफी हद तक प्रदूषण में काफी कमी आयी है। प्रदेश के अधिकतर जिलों में प्रशिक्षक द्वारा प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है । इस में सभी चिमनी मालिकों सहित फायरमैन एवं लोडर ने हिस्सा लिया है।

प्रशिक्षक के रूप में दिल्ली से आए तकनीकी विशेषज्ञ सोनल कुमार ने कहा कि बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के निर्देश पर बढ़ते वायु प्रदूषण को रोकने के लिए राज्य के ईट भट्टों को अब लगभग जिग -जैग टेकनोलोजी में परिणत किया जा चुका है। इससे कोयले की खपत ने 15 से 20 प्रतिशत एवं प्रदूषण में 50 से 60 प्रतिशत की कमी आयी है। ईंट भी भी बेहतर गुणवत्ता का निकल रहा। इस नए तकनीक से ईंट भट्ठा संचालकों के साथ साथ पर्यावरण को भी लाभ हो रहा है।

दरभंगा जिला ईंट निर्माता संघ के महासचिव चंदन सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा छोटी छोटी त्रुटियों के कारण होने वाले नुकसान से बचने के उपाय भी बताये गए जिससे संचालकों को नुकसान से बचाया जा सके।

जिला उपाध्यक्ष शरद कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ईंट की गुणवत्ता को बढ़ाने के साथ साथ कोयले की खपत कम करने वायु प्रदूषण को कम करना है।

कार्यक्रम का संचालन ई0 चंदन सिंह ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन शरद कुमार ने किया।

कार्यक्रम में जिला खनिज विकास पदाधिकारी सर्वेश कुमार संभव, सहायक वाणिज्य कर आयुक्त संजय कुमार, प्रदूषण कंट्रोल विभाग मुजफ्फरपुर के शिव शम्भू प्रसाद, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अमित कश्यप, लोकेश कुमार, मधुबनी जिलाध्यक्ष लालबाबू, शिवहर जिलाध्यक्ष मोती बाबू, जिला सचिव मो0 आमिर निशात, कोषाध्यक्ष संजय बजाज एवं संजय कुमार यादव, आफताब अहमद, मीडिया प्रभारी मनोज कुमार झा, शमशाद आलम, अशोक ठाकुर आदि भी मौजूद थे।

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