
अब शराब मामले में दोबारा पकड़े जाने पर नहीं होगी जमानत, स्पीडी ट्रायल चलाकर दिलायी जाएगी सजा।
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दरभंगा: सरकार ने शराबबंदी को सख्ती से लागू करने और शराब माफियाओं पर नकेल कसने केलिए एक और कड़े कदम का एलान किया है। शराब मामले में दुबारा पकड़ने जाने पर अब जमानत नहीं मिलेगी और स्पीडी ट्रायल चलाकर सजा दिलायी जाएगी। इस बात की जानकारी खुद बिहार सरकार के मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक ने दरभंगा में शराबबंदी को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान दी।
दरअसल, दरभंगा प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय के सभागार में शुक्रवार को मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक की अध्यक्षता में प्रमंडल के तीनों जिलों में चल रहे शराबबंदी अभियान की समीक्षा बैठक की गयी। बैठक में पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रमंडलीय आयुक्त मनीष कुमार ने शराबबंदी अभियान के अंतर्गत तीनों जिलों की ओर से अब तक की गयी कार्रवाई से अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि एक अप्रैल 2016 से फरवरी 2022 तक दरभंगा में 7,053 अभियोग दर्ज कराये गए एवं 8,583 गिरफ्तारियां हुई। पांच लाख 32 हजार 894 लीटर शराब जप्त की गयी। 1327 वाहन

जप्त किये गये एवं 97 भूमि की जब्ती की गयी। मधुबनी में 13023 अभियोग दर्ज कराये गए एवं 13956 गिरफ्तारियां हुई। 10 लाख 14 हजार 333 लीटर शराब जप्त हुई। 4260 वाहन जब्त किये गये एवं 26 भूमि की जब्ती हुई। समस्तीपुर में 7686 अभियोग दर्ज कराये गए एवं 7141 गिरफ्तारियां हुई। नौ लाख तीन हजार 639 लीटर शराब की जब्ती की गयी। 1315 वाहन जप्त किये गये एवं 19 भूमि की जब्ती हुई। शराब विनष्टीकरण दरभंगा में 97.53 प्रतिशत, मधुबनी में 98.38 प्रतिशत एवं समस्तीपुर में 97.87 प्रतिशत हुई है।
स्पीडी ट्रायल के संबंध में बताया गया कि दरभंगा में 24, मधुबनी में 21 एवं समस्तीपुर में 64 मामलों में सजा दिलाने की कार्रवाई की जा रही है। अपर मुख्य सचिव ने तीनों जिलों के विशेष लोक अभियोजकों को मार्च में 10 से 15 मामलों में सजा दिलवाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शराब के मामले में दोबारा पकड़े जाने पर अब

जमानत नहीं मिलेगी, इसलिए वैसे शराब माफिया जो दोबारा पकड़े गये हैं, उनके खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलवाकर उन्हें सजा दिलवायी जाए। तीनों जिलों के विशेष लोक अभियोजकों ने मार्च में अपने अपने जिले के 10 से 15 मामलों का निष्पादन कराने का आश्वासन दिया।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि दरभंगा में पांच, मधुबनी में छह एवं समस्तीपुर में 10 एएलटीएफ (एंटी लिकर टास्क फोर्स) कार्यरत हैं, जिन्हें वाहन और मोबाईल की सुविधा उपलब्ध करायी जा चुकी है। इसलिए लगातार छापेमारी करवाई जाए। नदी घाट के क्षेत्र में ट्रैक्टर एवं बाईक में साइरन लगाकर गश्ती करवाई जाए। उन्होंने कहा कि सभी जिलों को ड्रोन उपलब्ध कराया जा चुका है। इसका प्रयोग लगातार कर अवैध शराब बनाने वालों को पकड़ा जाए। ब्रेथ एनालाइजर का प्रतिदिन प्रयोग होना चाहिए।
उन्होंने मधुबनी जिले की नेपाल सीमा पर नियुक्त सीमा सुरक्षा बल को सीमा क्षेत्र में ट्रैक्टर एवं बाइक से गश्ती करवाने और लगातार ड्रोन के साथ छापेमारी करने का निर्देश दिया। मधुबनी एसपी को सीमा सुरक्षा बल के साथ महिला पुलिस एवं जिला पुलिस बल को प्रतिनियुक्त करने एवं लगातार नेपाल सीमा क्षेत्र में गश्ती करवाने का निर्देश दिया। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्र के एसडीओ व एसडीपीओ को भी लगातार नेपाल भारत सीमा क्षेत्र में गश्ती करने का निर्देश दिया।
सीमा सुरक्षा बल द्वारा बताया गया कि उनकी 27 चौकी भारत-नेपाल सीमा पर हैं तथा अवैध शराब लाने के रूट की भी जानकारी उन्हें हो गयी है। गश्ती बढ़ाये जाने पर शराब माफिया पकड़ में आ जाएंगे।

समीक्षा के दौरान उन्होंने जीविका को नीरा का उत्पादन करने एवं सतत जीवीकोपार्जन का लाभ अधिक से अधिक परिवारों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
बैठक में आयुक्त मनीष कुमार, आईजी मिथिला प्रक्षेत्र ललन मोहन प्रसाद, डीएम राजीव रौशन, मधुबनी डीएम अमित कुमार, समस्तीपुर डीएम योगेन्द्र सिंह, एसएसपी अशोक प्रसाद, मधुबनी एसपी डॉ सत्य प्रकाश, समस्तीपुर एसपी हृदय कान्त, आयुक्त के सचिव देवेन्द्र प्रसाद तिवारी, तीनों जिलों के उत्पाद अधीक्षक, एसडीओ, एसडीपीओ, विशेष लोक अभियोजक व एसएसबी के पदाधिकारी उपस्थित थे।

