
बाल कल्याण समिति द्वारा मनाया गया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस।
दरभंगा: मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बाल कल्याण समिति दरभंगा के परिसर में समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र झा की अध्यक्षता एवं मानवाधिकार इमरजेंसी हेल्पलाइन एशोसिएशन के संचालन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से दरभंगा में महिलाओं की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम में दरभंगा जिला की सबसे पहली महिला अधिवक्ता मृदुला सिंह ने महिला के सुधार एवं सशक्तिकरण हेतु विचार रखी। बाल कल्याण समिति सदस्य इन्दिरा कुमारी ने कहा कि महिला कमजोर नहीं है, हमें कमजोर महिला को रास्ता दिखाकर मजबूत बनाने की आवश्यकता है।
सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई नेहा नुपूर ने कहा कि महिलाओं को रुढ़िवादी व्यवस्था से निकलकर विकासवादी विचार से सोचना चाहिए तभी समाज में सार्वजनिक विकास हो पाएगा। समिति सदस्य प्रीति कुमारी ने कहा कि महिलाओं को निर्भिकता से अपना काम करने की आवश्यकता है, परिस्थितियों से संघर्ष कर ही हम

अपने आपको विकासित कर सकते हैं। समिति सदस्य रेणु कुमारी ने कहा कि इस दिवस की सभी को शुभकामनाएं देने के साथ बेटे और बेटियों की सोच को समान करना होगा तभी समाज में समरसता कायम होगी।
चाइल्डलाइन दरभंगा के केंद्र समन्वयक आराधना कुमारी ने कहा कि महिलाओं का विकास से ही देश का विकास संभव है।
वन स्टॉप सेन्टर सह महिला हेल्पलाइन दरभंगा की समन्वयक अजमातुन निशा ने कहा कि हमें महिलाओं को घरेलू हिंसा से मुक्त करने एवं स्वावलंबी बनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए।
अध्यक्षीय भाषण में वीरेंद्र झा ने कहा कि महिला सशक्त है, कमजोर नहीं है ऐसी महिलाओं से आग्रह है कि जो महिला सशक्त नहीं हैं, उनको सशक्त बनाने का प्रयास करें।
कार्यक्रम में मानवाधिकार ईमरजेन्सी हेल्पलाइन एशोसिएशन के मिथिला क्षेत्र दरभंगा के अध्यक्ष मनोहर कुमार झा, दरभंगा जिला के अध्यक्ष उमाकांत यादव, चाइल्डलाइन कार्यकर्ता सुनील पासवान, अधिवक्ता रीता चौधरी, अधिवक्ता सपना कुमारी सहित कई लोगों ने अपने अपने विचार रखे।

