
घास काटने गई महिला की बिजली करंट लगने से मौत।
दरभंगा: बहेड़ी थाना क्षेत्र के वलिगांव में बुधवार की सुबह को घास काटने गई महिला की बिजली करंट वाली घेरा के संपर्क में आने से घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। मृतका की पहचान गांव के ही लक्ष्मी दास की 50 वर्षीया पत्नी चंद्रकला देवी के रूप में की गयी। सूत्रों के मुताबिक जिस खेत में वह घास काटने गई थी। उस खेत के मालिक ने अपने जगह को चारों ओर से बिजली के तार से घेर रखा था। जिसमें बिजली प्रवाहित कर दी गई थी। मृतका के पेट पर बिजली तार से जलने के कारण स्पष्ट निशान दिखाई दे रहा था।
घटनास्थल पर काफी लोगों की भीड़ जमा हो गई थी, जो काफी आक्रोशित दिखाई दे रहे थे। मौके पर तरसाए प्रेमचंद्र पंडित के नेतृत्व में बहेड़ी थाना की पुलिस पहुंची तथा करीब तीन घंटे तक घटनास्थल पर कैंप किए रहा। जिस खेत में घटना घटी वह बहादुरपुर प्रखंड क्षेत्र के खैरा गांव के जमींदार के लोगों ने मंसूर आलम के पुत्र चांद आलम के साथ फोटो व वीडियो बनाने को लेकर मारपीट भी की। जिस खेत में चारों ओर से खूंटा गाड़ कर बिजली की तार लगाई गई थी और बगल से गुजर रहे एलटी बिजली के तार से उसे कनेक्ट कर करंट प्रवाहित की गई थी। वह खेत खैरा गांव के नागो सिंह के पुत्र अरुण सिंह की बताई जा रही है।

घटना के बाद जमींदार के लोगों ने पोल पर चढ़कर बिजली कनेक्शन के तार को हटाया साथ ही खेत के चारों तरफ खूंटा गाड़ कर लगाए गए बिजली के तार व खुटे को उखाड़ कर वहां से ले गए। घटना के बाद बिजली पोल पर चढ़कर तार को डिस्कनेक्ट कर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक मृतक के परिजन व खेत मालिक दोनों पक्षों में आपसी समझौता के तहत मृतक के परिजनों को दो लाख 51 हजार रुपये बतौर मुआवजा देने की बात निर्धारित की गई। जिसमें से तत्काल ही मृतक के परिजन को एक लाख रुपये देने की बात सामने आ रही है। इसके बाद मृतक के परिजनों ने थाना को लिखित आवेदन में पोस्टमार्टम नहीं करवाने की बात कही।
बिजली विभाग के एसडीओ मोने लाल ने बताया कि लाइनमैन से मिली जानकारी के मुताबिक खेत मालिक कृषि विद्युत कनेक्शन रखे हुआ था। जैसा कि बताया जा रहा है कि खेत के चारों तरफ फसल की जानवरों से सुरक्षा को लेकर बिजली करंट दौराई गई थी जो अनुचित था। इस मामले में बिजली विभाग से कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा। इस संबंध में पूछने पर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार मंडल ने बताया कि मृतका के परिजनों ने एफआईआर के लिए कोई आवेदन ही नहीं दिया। केवल पोस्टमार्टम नहीं करवाने की बात लिखित में दी गई है।

