
बंद घरों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले अंतरजिला गिरोह का पुलिस ने किया उद्भेदन।
दरभंगा: दरभंगा में हाल ही में हुए डीएमसीएच अग्निकांड जैसे जघन्य कांड के सात दिन बाद भी एक भी अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं होने से दरभंगा पुलिस की लगातार आलोचना हो रही थी। लगातार हो रही आलोचनाओं में थोड़ा सा पलीता लगाने की कोशिश दरभंगा के एसएसपी गुरुवार को करते दिखे जब प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने अंतरजिला गिरोह के पांच चोरों की गिरफ्तारी का दावा किया।
गुरुवार को अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दरभंगा के प्रभारी एसएसपी अशोक कुमार प्रसाद ने इस विषय

मे विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया विगत दिनों जिले के शहरी से लेकर ग्रामीण इलाकों तक में चोरी की घटना बढ़ गयी थी। लोग घरों को बंद करके कहीं जाते थे और दो दिन बाद भी लौटते थे तो मकान में चोरी हो गयी होती थी।
इसी को लेकर पिछले चार पांच महीनों से सिंहवाड़ा, सिमरी, कमतौल तथा शहर के कुछ थानाध्यक्षों के साथ टेक्निकल टीम की मदद से लगातार छानबीन जारी रखी गयी थी। इसी क्रम में सटीक सूचना

मिलने पर मुजफ्फपरपुर एवं पूर्णिया आदि जिले में छापेमारी कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार सभी अपराध कर्मी अन्य जिलों से आकर दरभंगा में चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे।
इन अपराधियों के पास से भारी मात्रा में सोने चांदी के गहने, कीमती बर्तन, कपड़े एवं 45 हजार नगद बरामद हुए हैं।
गिरफ्तार सभी आरोपी पूर्णिया, कटिहार, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिले के निवासी हैं। सभी शहरी क्षेत्र सहित सिमरी, सिंहवाड़ा और
कमतौल थानाक्षेत्र में लगातार घटना को अंजाम दे रहे थे।
गिरफ्तार अपराधियों में वैशाली जिले के महुआ थानाक्षेत्र के महुआ निवासी रमेशचंद्र प्रभाकर, मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर थानाक्षेत्र के मीनापुर तुर्की निवासी राजा चौधरी, कटिहार जिले के कटिहार सहायक थानाक्षेत्र के कटिहार निवासी विकास कुमार सिन्हा, पूर्णिया जिले के सदर थानाक्षेत्र के रामबाग निवासी सुरज कुमार पोद्दार और के हाट थानाक्षेत्र के शारदा निवासी रवि कुमार साह शामिल हैं।

