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Featured - मुख्य - March 23, 2022

कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में फर्जी पे-आइडी बना भुगतान मामले में कार्रवाई शुरू।

दरभंगा: कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में वित्तीय अनियमितता मामले में कार्रवाई शुरू हो गई है। इसको लेकर 15 मार्च को विवि प्रशासन ने वित्तीय अनियमितता संबंधित प्रतिवेदन शिक्षा विभाग बिहार सरकार को समर्पित किया गया है। बता दें कि संस्कृत विवि में फर्जी तरीके से पे-आइडी बनाकर निर्धारित कर्मचारियों से अधिक को भुगतान किया जा रहा है। इसका खुलासा विश्वविद्यालय के बजट समीक्षा के दौरान हुआ हुई थी। इसमें पता चला है कि विश्वविद्यालय स्तर से बजटीय प्रावधान अंतर्गत निर्देशित संख्या में कार्यरत कर्मचारियों से अधिक कर्मियों का पे- आईडी बनाकर भुगतान किया जा रहा है। इतना ही नहीं विश्वविद्यालय द्वारा नियमित कार्यरत कर्मचारियों की राशि से समानुपातिक रूप से कटौती कर अन्य कर्मचारियों का भुगतान किया जा रहा है। तीन मार्च 2022 को शिक्षा विभाग बिहार सरकार के उप-सचिव अरशद फिरोज ने महालेखाकार पटना को पत्र जारी कर इसकी सूचना दी थी। साथ ही कुलपति प्रो. शशिनाथ झा को पत्र लिख सात दिनों के अंदर जवाब मांगा था।
शिक्षा विभाग बिहार सरकार के उप-सचिव अरशद फिरोज ने राज्यपाल सचिवालय के प्रधान सचिव को पत्र लिख आग्रह किया है कि संस्कृत विवि के पूर्व कुलसचिव डा. शिवा रंजन चतुर्वेदी को पदमुक्त किया जाए। पत्र में बताया गया है कि पूर्व कुलसचिव डा. शिवा रंजन चतुर्वेदी द्वारा असंबद्ध घाटानुदानित कालेजों के शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लिए वेतन अनुदान विमुक्त करने की निरंतर अधियाचना की जाती रही। जो वित्तीय अनियमितता का परिचायक है। गोस्वामी लक्ष्मीनाथ मदसूदन संस्कृत कालेज बनगांव सहरसा का संबंधन समाप्ति के बाद भी पूर्व कुलसचिव डा. शिवा रंजन चतुर्वेदी द्वारा वेतन अनुदान विमुक्त किए जाने का अनुरोध किया गया। शिक्षा विभाग बिहार सरकार के उप-सचिव ने राज्यपाल सचिवालय के प्रधान सचिव को लिखे पत्र में बताया है कि विवि की समीक्षा बैठक में भी पूर्व कुलसचिव निरंतर उपस्थित नहीं रहते हैं। उपरोक्त कृत्यों से स्पष्ट है कि पूर्व कुलसचिव द्वारा प्रतिकुल कार्य किया जा रहा है। जो वित्तीय अनियमितता तथा आपराधिक कृत्यों को उजागर करता है।

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