Home Featured गीत एवं नाटक प्रभाग को जबरन खाली कराने पूर्व एमएलसी के साथ पहुंचे विश्वविद्यालय के कर्मी।
Featured - मुख्य - March 24, 2022

गीत एवं नाटक प्रभाग को जबरन खाली कराने पूर्व एमएलसी के साथ पहुंचे विश्वविद्यालय के कर्मी।

दरभंगा: गुरुवार को शहर के नगर थानाक्षेत्र अंतर्गत हराही तालाब स्थित सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से संचालित गीत व नाटक प्रभाग को ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा खाली कराने को लेकर हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। इस दौरान प्रभाग के कर्मियों ने बदसलूकी और हाथापाई का आरोप भी लगाया है। प्रभाग के सारे सामानों को लनामिवि प्रशासन ने बाहर कर दिया। इसके बाद सभी कमरों में ताला जड़ दिया गया। मामले को लेकर काफी हंगामा हुआ। विरोध करने के कारण विश्वविद्यालय के सुरक्षा गार्ड हाथापाई करने पर उतारू हो गए। गीत व नाटक प्रभाग के कर्मी चिल्लाते रहे लेकिन, कोई बात मानने को तैयार नहीं थे। सभी कमरों से एक-एक कर सारे सामानों को बाहर कर दिया गया। इस दौरान न तो वाद्य यंत्र को देखा गया और नही अवार्ड को। जैसे-तैसे सारे सामानों को बाहर में यत्र-तत्र स्थिति में रख दिया गया।

हंगामा की सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची। समझाने की कोशिश की। बावजूद कोई समझने को तैयार नहीं थे। विश्वविद्यालय के अधिकारी

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अपनी संपत्ति बताते हुए कार्रवाई करने की बात कहने लगे। स्थिति को देख सहायक दारोगा ने थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर शशिनाथ सिंह के आने तक रूकने को कहा।

इस बीच महिला सुरक्षा गार्ड ने गीत व नाटक प्रभाग के एक महिला कर्मी का हाथ पकड़कर कमरे से बाहर करने की कोशिश की। स्थिति देख सहायक दारोगा जमकर फटकार लगाई । इस बीच थानाध्यक्ष पहुंच गए। स्थिति देखकर वे भी दंग रह गए। उन्होंने कार्रवाई करने आए अधिकारियों से आदेश पत्र मांगा। लेकिन, किसी अधिकारी ने आदेश पत्र नहीं दिखाया। कहा- इसे लेकर एक कमेटी बनी हुई है। इसी के तहत सभी सदस्य कमरों को खाली कराए हैं। इसके बाद थानध्यक्ष ने कहा कि यह भी सरकारी संस्थान है। बिना किसी

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सरकारी आदेश का आप कैसे इसे खाली करा सकते हैं। जब आदेश नहीं है तो सारे सामानों को आप कैसे बाहर कर दिए। इतना सुनते ही विश्वविद्यालय के सभी अधिकारी खामोश हो गए। हंगामा को देखते हुए थानाध्यक्ष ने सभी को परिसर से बाहर कर दिया।

इधर, खबर आग की तरह फैल गई। जिले के कई कलाकार मौके पर पहुंच गए और सारे सामानों को कमरों में फिर से शिफ्ट कर दिया। मामले को लेकर गीता एवं नाटक प्रभाग के मनीष कुमार खंडेलवाल, तेजनारायण मांझी, डा. शिप्रा कुमारी ने थाने में आवेदन दिया है। कहा है कि यह संस्थान भारत सरकार की ओर से 1967 से संचालित है।

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इसका किराया दरभंगा महाराज के परिवार को दिया जाता है। बावजूद, अनाधिकृत रूप से इस परिसर पर विश्वविद्यालय अपना दावा कर रही है। जो सरासर गलत हैं। कहा कि गुरुवार को स्टेट आफिसर डा. विजय कुमार, संगीत नाटक विभाग के प्रभारी पुष्पम नारायण, पूर्व एमएलसी प्रो. दिलीप चौधरी सहित 20-25 कर्मी सुरक्षा गार्ड के साथ पहुंचकर जबरन कार्यालय को खाली कर दिया। विरोध करने पर मारपीट की और महिला कर्मी के साथ दु‌र्व्यवहार किया। सरकारी संपत्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया। कर्मियों ने पुलिस से सुरक्षा का गुहार लगाया है। इधर, थानाध्यक्ष ने बताया कि यह मामला भूमि विवाद से जुड़ा है। आवेदन मिला है। जिसकी जांच की जा रही है। दावा से संबंधित कागजातों की मांग की गई है।

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