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Featured - मुख्य - April 4, 2022

इतिहास विभाग के पूर्ववर्ती छात्रसंघ का मिलन समारोह सम्पन्न।

दरभंगा: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के जुबली हॉल में इतिहास विभाग पूर्ववर्ती छात्रसंघ का दूसरा मिलन समारोह उल्लास से मनाया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति प्रो. सुरेन्द्र प्रताप सिंह ने किया। इस दौरान पुराने सहपाठियों से लंबे समय बाद मिलकर सभी प्रफुल्लित दिखे।

कुलपति ने कहा कि पीजी इतिहास विभाग ने पूर्ववर्ती छात्रसंघ का हर साल मिलन समारोह आयोजित कर प्रशंसनीय कार्य किया है। यह दूसरे विभागों के लिए नजीर है। संघ के संरक्षक प्रो. धर्मेन्द्र कुमार ने जिस तरह से इस कार्यक्रम का आयोजन किया है वह भी काबिले तारीफ है। हम इस समारोह में शामिल होने वाले सभी पूर्ववर्ती छात्रों के जज्बे को सलाम करते हैं। विशिष्ट अतिथि कुलसचिव प्रो. मुश्ताक

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अहमद ने इस समारोह को विश्वविद्यालय के इतिहास में मील का पत्थर बताया। उन्होंने सभी सहभागी प्रतिभागियों को इस समारोह में शामिल होने के लिए धन्यवाद दिया।

मुख्य अतिथि प्रो. अजीत कुमार वर्मा ने इस तरह के आयोजन को विवि की शिक्षण और शोध गतिविधियों के लिए प्राण वायु माना। विभाग के अध्यक्ष प्रो. नैयर आजम ने प्रतिभागियों के प्रति आभार प्रकट किया। मंच संचालन संघ के सचिव डॉ. जमील हसन ने किया। प्रतिभागियों व अतिथियों का स्वागत संघ के संरक्षक प्रो. धर्मेन्द्र

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कुमार ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष प्रो. मोहन मिश्र ने की। भगवती वंदना और स्वागत गीत स्वाती कुमारी ने गाया। इस अवसर पर सम्मेलन की स्मारिका और दो पूर्ववर्ती छात्रों द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन किया गया।

दूसरे सत्र में ‘मिथिला के इतिहास लेखन में समस्याएं और संभावना’ विषय पर परिचर्चा हुई। इसका विषय प्रवर्तन प्रो. धर्मेन्द्र कुमार ने किया। मध्यकालीन मूर्ति पर डॉ. सुशांत कुमार, आधुनिक मिथिला के इतिहास पर डॉ. अवनीन्द्र कुमार झा व प्राचीन मिथिला के इतिहास पर प्रो. प्रभास चन्द्र मिश्र ने विस्तार से चर्चा की। भोजनावकाश के बाद संघ के कार्यकर्ताओं की आम सभा हुई, जिसमें अगले वर्ष के

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लिए कार्यकारिणी, सचिव, कोषाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव आदि अधिकारियों का चयन किया गया एवं इससे सम्बन्धित घोषणाएं की गईं।

अंतिम सत्र गीत-संगीत का रहा, जिसमें प्रो. मोहन मिश्र, धर्मेन्द्र कुमार, डॉ. शिवकुमार पासवान, डॉ. रश्मि रूपम, डॉ. शारदा कुमारी आदि प्रतिभागियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।

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