
लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान से बदलेगी गांवों की सूरत, कार्ययोजना की हुई समीक्षा।
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दरभंगा: शुक्रवार को विकास भवन के सभागार में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान-द्वितीय चरण अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन एवं अन्य अवयवों पर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक का आयोजन अभियान के जिला सलाहकार संदीप कुमार की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में अभियान के प्रखण्ड समन्वयकों के साथ कार्यो की समीक्षा की गयी तथा इसे पूर्ण रूप से सफल बनाने केलिए विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गयी। साथ ही वर्ष 2022-23 केलिए कार्य योजना बनाने पर चर्चा हुईं
बताते चलें कि लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान-द्वितीय चरण में ग्राम पंचायतों द्वारा खुले में शौच से मुक्ति को स्थायित्व प्रदान करने के लिए कई कार्य करने होंगे। इनमें सूचना, शिक्षा एवं संचार के माध्यम से समुदायों का व्यवहार परिवर्तन, चिन्हित नये परिवारों व छूटे हुए

परिवारों को व्यक्तिगत शौचालयों की सुलभता,चरणबद्ध तरीके से ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन आदि सभी गतिविधियां किये जाने के बाद सभी गांवों को ओडीएफ-प्लस (खुले में शौच से मुक्ति के स्थायित्व सहित ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन) बनाया जाना है।
इसके मुख्य घटकों में खुले में शौच से मुक्ति का स्थायित्व करना, ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक परिवार को व्यक्तिगत शौचालय की सुलभता तथा परिवार के सभी सदस्यों द्वारा शौचालय का नियमित उपयोग, शौचालय की सफाई एवं समुचित रख-रखाव के प्रति व्यवहार परिवर्तन में स्थायित्व के लिए सूचना-संचार में निरंतरता बनाए रखना होगा। नए परिवारों अथवा किसी कारणवश छूटे हुये परिवारों को शौचालय की सुलभता प्रदान करना एवं पूर्व की योजनाओं से निर्मित परिसम्पतियों का रख-रखाव करना है।
वहीं भूमिहीन, विशेषकर अनुसूचित जाति/जनजाति परिवारों, प्रवासी मजदूरों, चलंत एवं अस्थायी आबादी इत्यादि को आवश्यकतानुसार सामुदायिक स्वच्छता परिसर व कलस्टर शौचालय के माध्यम से आच्छादन करना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में शौच से मुक्ति के
स्थायित्व में निरंतरता बनाये रखते हुये चरणबद्ध तरीके से ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के क्रियान्वयन द्वारा सभी ग्राम पंचायतों को वर्ष 2024 25 तक ओडीएफ-प्लस बनाया जाना एवं ग्रामीण क्षेत्र को प्रत्यक्ष स्वच्छ बनाया जाना है।

