
मिथिला लेखक मंच का वार्षिक अधिवेशन सम्पन्न।
दरभंगा: मिथिला लेखक मंच का वार्षिक अधिवेशन शनिवार को हुआ। अध्यक्षता डॉ. रामभरोस कापड़ी भ्रमर ने की। उद्घाटन करते हुए डॉ. रामानंद झा रमन ने कहा कि लेखक सदा अपनी रचनाओं से साहित्य को गतिमान रखता है। मैथिली साहित्यकार मैथिली संस्था और आम लोगों के बीच एकरूपता नहीं है जो चिंता का विषय है। प्रो. उदय शंकर मिश्र ने कहा कि बांग्ला लेखिका ने ‘लज्जा’ नामक उपन्यास के

माध्यम से व्यवस्था को झकझोरने का काम किया जो मैथिली क्षेत्र में देखने को नहीं मिला है। मिथिला में भाषाई स्वाभिमान नहीं है। आयोजक सह संचालक चन्द्रेश ने कहा कि साहित्यिक वातावरण बनाने का काम मिथिला लेखक मंच करता है।
इस अवसर पर साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त जगदीश मंडल ने कहा कि वे मैथिली साहित्य की सतत सेवा करते रहेंगे। डॉ. कमला चौधरी ने कहा कि मैथिली पर सरकार द्वारा बार-बार आक्रमण किया जा रहा है। मैथिली पढ़ने वालों की संख्या घट रही है। इसका समाधान खोजने की जरूरत है।

