
कुलपति ने किया रक्तदान शिविर का उद्घाटन।
दरभंगा: दूरस्थ शिक्षा निदेशालय संचालित बीएड (नियमित) की ओर से सोमवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।
इससे पूर्व शिविर का उद्घाटन कुलपति प्रो. सुरेन्द्र प्रताप सिंह ने किया। कुलपति ने कहा कि प्रार्थना सभा का संचालन छात्रों की ओर से नियमित तौर पर किया जाना प्रशंसनीय है। हमें प्रार्थना सभा के हर भाग में कहे गए हर वाक्य का अपने जीवन में अनुसरण करना चाहिए एवं उससे सीख लेनी चाहिए।
कुलपति ने बड़े स्तर पर रक्तदान शिविर के आयोजन के लिए विभाग को बधाई दी एवं ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान करके हम कई लोगों

के जीवन बचा सकते हैं। ऐसे कार्यों में हमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। कुलसचिव प्रो. मुश्ताक अहमद ने रक्तदान शिविर की तैयारियों पर प्रसन्न्ता व्यक्त की। दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के निदेशक प्रो. अशोक कुमार मेहता ने कहा कि रक्तदान करना जीवनदान देने के बराबर है। लोगों को अधिक-से-अधिक रक्तदान करने के लिए आगे आना चाहिए। विशिष्ट अतिथि पीएनबी के शाखा प्रबंधक अश्विनी कुमार झा ने भी इस कार्यक्रम की सराहना की।
प्रार्थना सभा की समाप्ति के बाद कुलपति व कुलसचिव ने फीता काटकर रक्तदान शिविर का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. गीतेन्द्र ठाकुर, इनफार्मेशन एंड लाइब्रेरी साइंस के निदेशक प्रो. दमन कुमार झा व अन्य मौजूद रहे। शिविर में कुल 35 छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने रक्तदान किया।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार मिलन, डॉ. जय शंकर सिंह, ज्योति नारायनम, राहुल राज, निशांशु कुमारी, अमरेंद्र कुमार मंडल, सौरभ कुमार, सोनी कुमारी, अभिषेक कुमार, रूबी कुमारी, रवि कुमार झा, राहुल राज, संजीत कुमार

सुमन, सोनू कुमार, सोनी कुमारी, शिवानी, रंजन कुमार झा, पुरुषोत्तम कुमार चौधरी, प्रभाकर कुमार, मनीष कुमार, प्रियंका, रौशन कुमार झा, कृपा शंकर सिंह, निशा प्रकाश, अमृता प्रियम, वीणा कुमारी, मणिकांत, दुर्गानन्द, अजय यादव, राजा बाबू, रवि कुमार झा, सावन कुमार व अन्य लोगों ने रक्तदान किया।
शिविर के अंत में बीएड (नियमित) के विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार मिलन ने शिविर के आयोजन के लिए सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व शिक्षकेतर कर्मियों के साथ डीएमसीएच रीजनल ब्लड बैंक के डॉक्टरों व कर्मियों को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में अर्चना कुमारी, वर्षा कुमारी, साक्षी कुमारी, प्रज्ञा कुमारी, माला कुमारी, आर्यन कुमार, वेदी शांडिल्य, नियति रचना, प्रियंका, सारिका, सृष्टि ने योगदान दिया।

