
गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर में गहराया जलसंकट, डीएम ने किया चुनौती से निपटने की पूरी तैयारी का दावा।
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दरभंगा: इसबार अप्रैल माह में ही भीषण गर्मी का प्रकोप दिख रहा है। इसके साथ ही शहर में पानी केलिए हाहाकार मचना शुरू हो गया है। नगर निगम क्षेत्र के कई सरकारी एवं निजी चापाकल सूख चुके हैं। आम जन पानी केलिए इधर उधर भटक रहे हैं।
दरअसल, हर वर्ष जलापूर्ति केलिए लाखो करोड़ो ख़र्च होने के वाबजूद हर वर्ष गर्मी आने पर पता चलता है कि कई वार्डों में वर्षो से खराब पड़े चापाकलों की मरम्मती नही हुई। नल जल योजना की दुर्गति किसी से छिपी नहीं है। कहीं नल है तो जल नहीं, तो

कहीं सड़कों पर पानी की बर्बादी दिख जाती है।
कई इलाकों से मिली शिकायत के बाद वॉयस ऑफ दरभंगा की टीम ने गुरुवार को शहर के वार्ड 41 एवं 42 के कुछ हिस्सों का जायजा लिया। इस दौरान नगर निगम एवं जिला प्रशासन के तमाम दावों की जो तस्वीरें सामने आयीं, वे हकीकत से कोसो दूर दिखी। रेगिस्तानी इलाके की तरह लोग दूर दूर से पीने का पानी लाने को विवश दिख रहे थे। लहेरियासराय के गुदरी बाजार महावीर मंदिर के पास का चापाकल कई महीनों से खराब पड़ा था। वहीं जीएन गंज अवस्थित वंशीदास मध्य विद्यालय के समीप का चापाकल भी महीनों से खराब पड़ा था। इसके

अलावा कमर्शियल चौक जाने वाले मुख्य रास्ते का चापाकल भी खराब था।
पानी केलिए परेशान लोगों ने जहां वॉयस ऑफ दरभंगा की टीम को अपनी समस्याओं से अवगत कराया, वहीं निगम प्रशासन एवं जिला प्रशासन के प्रति आक्रोश का इजहार भी किया।
पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए दरभंगा के जिलाधिकारी ने कहा कि गत 11 अप्रैल की मीटिंग में इस संबंध में प्रत्येक बिंदुओं पर

विस्तार से चर्चा हुई है। जहां भी लीकेज आदि की समस्या है, उसे जल्द ठीक कराने का निर्देश दिया गया है। खराब चापाकलों को ठीक करने केलिए टीम काम कर रही है। इसके अलावा सभी वार्डो केलिए 100 नये चापाकल लगाने का भी प्रस्ताव है। जहाँ अधिक समस्या है, वहां तत्काल टैंकर से भी पानी पहुंचाया जाएगा।

