
41 के पार हुआ पारा तो बाजार में पसरा सन्नाटा, चिकित्सक दे रहे हैं सतर्क रहने की सलाह।
दरभंगा: इस वर्ष अप्रैल के शुरुआत से ही तेज गर्मी का एहसास जिलेवासियों को होने लगा था। मध्य अप्रैल तक आसमान से आग बरसने जैसा मौसम हो गया। इतनी जल्दी शुरू हुए लू के थपेड़ों ने जिलेवासियों को हैरान और परेशान कर दिया है। रविवार को पारा चढ़कर 41 डिग्री सेल्सियस के पार हो गया। दोपहर बाद गर्म पछिया हवा के थपेड़ों से सड़कों पर व बाजारों में अघोषित कर्फ्यू का दृश्य देखने को मिला।
वहीं सबसे ज्यादा परेशानी रोजेदारों को हो रही है। रोजे के कारण उनको पानी नहीं पीना है लेकिन तापमान बढ़ने के कारण लोगों का पानी पीने के कुछ देर बाद ही गला सूख जा रहा है।

ऐसे में रोजेदार घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। नमाज के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
इधर, भीषण गर्मी से भूगर्भीय जलस्तर तेजी से गिरने से शहर के अधिकतर निजी चापाकलों से पानी गिरना कम हो गया है। लोगों के घरों में लगे मोटर हांफ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र के कई इलाकों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। कोरोना शुरू होने के बाद वर्ष 2020 और 2021 में रुक-रुककर हो रही बारिश से जिलेवासियों को पेयजल संकट का अहसास नहीं होने दिया था। इससे पूर्व 2019 में जिलेवासियों को भीषण जल

संकट का सामना करना पड़ा था। शहर के कई मुहल्लों में टैंकर से पानी पहुंचाने की नौबत आ गयी थी। इससे निजात के लिए शहर में बड़ी संख्या में लोगों ने सबमर्सेबिल गड़ाना शुरू कर दिया। स्थिति यह हो गयी है कि इससे कुछ परिवारों को राहत जरूर मिली लेकिन भूगर्भीय जलस्तर और नीचे चले जाने से सामान्य लोगों के सामने पेयजल संकट एक बार फिर गहरा गया है।
वहीं शहर के जाने माने चिकित्सक डॉ उदभट मिश्रा ने कहा कि तापमान बढ़ने और तेज हवा चलने से लू का खतरा बढ़ गया है। आवश्यकता हो तो ही घर से बाहर निकले। घर से बाहर निकलते समय पूरी शरीर को अच्छी तरह से ढक लें। अधिक मात्रा में

पानी का सेवन करें। बाजार में बिकने वाले खुले खाद्य पदार्थो का सेवन न करें। उन्होंने कहा कि संभव हो तो बाजार का काम सुबह निपटा लें या फिर सूर्यास्त होने के बाद ही घर से निकलें ताकि गर्मी व लू के असर से बचा जा सके।

