Home Featured विशनपुर एवं सिमरी थानाक्षेत्र के गोदामों से 15 टन छड़ चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार।
Featured - मुख्य - April 19, 2022

विशनपुर एवं सिमरी थानाक्षेत्र के गोदामों से 15 टन छड़ चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार।

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दरभंगा: गत 27 फरवरी की रात्रि सिमरी थानाक्षेत्र अवस्थित एक गोदाम से 8 टन एवं 4 मार्च की रात्रि विशनपुर थानाक्षेत्र के एक गोदाम से 7 टन लोहे का सरिया चोरी करने में एक ही गिरोह का हाथ था। इस घटना में शामिल चार अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने दोनों मामले का उदभेदन कर दिया है। साथ ही इस गिरोह के मास्टरमाइंड का भी पता लगा लिया है जो किसी अन्य कांड में 15 – 20 दिनों से मुजफ्फरपुर के जेल में फिलहाल बन्द है। साथ ही करीब 2 टन सरिया तथा घटना में प्रयुक्त 5 मोबाइल फोन भी पुलिस ने बरामद कर लिया है।

गिरफ्तार अपराधियों की पहचान मुजफ्फपरपुर जिले के देवरिया थाना क्षेत्र के धरफरी निवासी सुबुध कुमार सहनी, माधोपुर बुजुर्ग निवासी छोटू कुमार, केवारी निवासी जयलाल यादव एवं पारो थानाक्षेत्र के सिंग्महि निवासी राजकुमार के रूप में हुई है। वहीं

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घटना का मास्टरमाइंड देवरिया थानाक्षेत्र के माधोपुर बुजुर्ग निवासी अमरेश कुमार राय को बताया जाता है, जो फिलहाल किसी अन्य कांड में पहले से ही जेल में बंद है।

घटना में शामिल अन्य अभियुक्तों की पहचान देवरिया थाना के धरफरी निवासी राजन कुमार सहनी, माधोपुर बुजुर्ग निवासी सर्वेश कुमार यादव एवं समस्तीपुर जिले के सिंघिया थानाक्षेत्र के सिंघिया गांव निवासी प्रवीण यादव के रूप में हुई है। इन तीनों अभियुक्तों की गिरफ्तारी केलिए छापेमारी की जा रही है।

बतातें चले कि गत 27 फरवरी की रात्रि सिमरी थानाक्षेत्र के शास्त्री चौक अवस्थित गोविंद कुमार के सिन्हा इंटरप्राइजेज से अज्ञात अपराधकर्मियों द्वारा 8 टन लोहे का सरिया चोरी कर

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लिया गया था। वहीं 4 मार्च की रात्रि विशनपुर थानाक्षेत्र के जगदीश पंडित के भरौल अवस्थित जगदीश इंटरप्राइजेज के गोदाम से 7 टन सरिया चोरी कर लिया गया था।

मंगलवार को इस संबंध में हेडक्वार्टर डीएसपी अमित कुमार ने प्रेस वार्ता कर बताया कि उक्त घटना के बाद एक एसआईटी का गठन किया गया था। अपराधकर्मियों द्वारा दोनों जगह सीसीटीवी कैमरे को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। फिर भी उसमें कुछ लोगों का वीडियो रिकॉर्ड हो गया था। वीडियो फुटेज एवं मोबाइल टॉवर लोकेशन के आधार पर वैज्ञानिक अनुसंधान किया गया। एसआईटी एवं टेक्निकल टीम के संयुक्त प्रयास से अंततः मामले का उदभेदन हुआ।

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