
साम्प्रदायिक हिंसा के खिलाफ इंसाफ मंच एवं माले द्वारा निकाला गया प्रतिवाद मार्च।
दरभंगा: इंसाफ मंच और भाकपा (माले) द्वारा बिहार को सांप्रदायिक हिंसा में झोंकने का आरोप संघ-भाजपा पर लगाते हुए इस साजिश के खिलाफ मंगलवार को राज्यव्यापी विरोध दिवस मनाते हुए प्रतिवाद मार्च निकाला गया। यह मार्च दरभंगा क्लब से चलकर कलेक्ट्रेट, लहेरियासराय टावर होते हुए पुनः दरभंगा क्लब पहुंच कर सभा में तब्दील हो गई। मार्च का नेतृत्व माले राज्य कमेटी सदस्य सह इंसाफ मंच के राज्य उपाध्यक्ष नेयाज अहमद, इंसाफ मंच के जिलाध्यक्ष अकबर रेजा, सदीक भारती, माले नेता नन्दलाल ठाकुर, देवेन्द्र कुमार और ऐपवा नेत्री अनुपम कुमारी कर रहे थे।
इस अवसर पर माले नेता रंजन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए नेयाज अहमद ने कहा कि आरएसएस-भाजपा द्वारा 10 अप्रैल को रामनवमी के बहाने

राज्य में की गई हिंसा बेहद चिंताजनक है। मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया आदि जिलों में हिंसा की घटनाओं पर बिहार सरकार चुप है। घनश्यामपुर में बदमाशों ने दूसरे समुदाय की आधा दर्जन दुकानों में तोड़-फोड़ की। सामान लूट लिए और पूरे इलाके में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण पैदा करने की कोशिश की। गया जिले के शेरघाटी में एक ई रिक्शा चालक पर उनकी धार्मिक पहचान को लेकर हमला किया गया। इस तरह घटनाओं को बर्दाश्त नही किया जाएगा। साम्प्रदायिक शक्तियों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
वहीं सभा काे विनोद सिंह, हरि पासवान, मो कलीम, दामोदर

पासवान, मो अली, विपिन कुमार विपिन, मो निशारुल, अंजनी सहनी, पप्पू ठाकुर, गंगा साह आदि ने भी सम्बोधित किया।

