Home Featured राष्ट्रीय सेमिनार में एक स्वर से उठी पृथक मिथिला राज्य की मांग।
Featured - मुख्य - April 24, 2022

राष्ट्रीय सेमिनार में एक स्वर से उठी पृथक मिथिला राज्य की मांग।

दरभंगा: शहर के एमएलएसएम कॉलेज में रविवार को मिथिला राज्य निर्माण सेना की ओर से राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें उपस्थित विद्वानों ने एक स्वर से पृथक मिथिला राज्य की मांग उठायी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए पृथक मिथिला राज्य का बनना अति आवश्यक है।

सेमिनार का आयोजन चार सत्रों में किया गया। प्रथम सत्र का विषय था ‘मिथिला राज्य आंदोलन की दशा और दिशा’। इस सत्र को दरभंगा के पूर्व सांसद कीर्ति झा आजाद, मिरानिसे के

Advertisement

अध्यक्ष रंगनाथ ठाकुर, रत्नेश्वर झा, ललिता झा, कमलाकांत झा आदि ने संबोधित किया। पूर्व सांसद श्री आजाद ने कहा कि पृथक मिथिला राज्य के हम शुरू से पक्षधर रहे हैं। इसके लिए हम संसद में आवाज भी उठा चुके हैं। समुचित विकास के लिए अलग मिथिला राज्य बनना जरूरी है। वहीं, झंझारपुर के पूर्व प्रमुख और मधुबनी जिले के नवानी निवासी अनूप कश्यप ने कहा कि कुछ लोगों ने यह भ्रम फैला दिया है कि अलग मिथिला राज्य बनने से केवल सवर्णों को ही लाभ होगा। हकीकत यह है कि अलग राज्य बनने के बाद मिथिला का जो विकास होगा उसका फायदा सभी वर्गों के लोगों को मिलेगा। श्री कश्यप ने लोगों से राजनीति से ऊपर उठकर इस अभियान को समर्थन देने की अपील की।

द्वितीय सत्र का विषय ‘मिथिला राज्य राष्ट्र का सांस्कृतिक एकीकरण’ था। इस सत्र को संजय पासवान, माधव चौधरी, मंजर सुलेमान तथा आचार्य के साथ भारत भूषण ने संबंधित

Advertisement

किया। तृतीय सत्र ‘मिथिला का आर्थिक विकास: सम्भावनाएं और सत्य’ रहा। इस सत्र को डॉ. अशोक सिंह, राज तथा विकास ने संबोधित किया।

चौथे सत्र का विषय ‘कोसी कमला की बाढ़ : समाधान हेतु निर्णायक सत्याग्रह’ था। इस सत्र को गजानन मिश्र ने संबोधित किया। मिरानिसे के राष्ट्रीय महासचिव राजेश झा ने भी क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए पृथक मिथिला राज्य को जरूरी बताया।

मौके पर डॉ. राम सुभग चौधरी, नूनू झा, आनंद ठाकुर, राजेश कमती, रचना झा, स्वाति, दिलीप झा आदि के अलावा समस्तीपुर, मधुबनी, मधेपुरा आदि जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

Share