
डीएमसीएच अग्निकांड में पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल, पीड़ितों ने एसएसपी से लगायी न्याय की गुहार।
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दरभंगा: कई मामलों में ऐसा देखा जाता है कि कानून के रखवाले कभी कभी आम और खास में कानून के अनुपालन में फर्क दिखा देते हैं। कुछ ऐसा ही सवाल अब दरभंगा सहित पूरे प्रदेश को हिला कर रख देने वाले डीएमसीएच अग्निकांड में पुलिस की कार्यशैली पर उठने लगे हैं। 6 लोगों को जिंदा जलाने का प्रयास, कई दुकानों एवं वाहनों को जला देने तथा तोड़ फोड़ एवं फायरिंग तक की घटनाओं को अंजाम देने वाले इस कांड में 12 अभियुक्तों की शिनाख्त एवं नाम पता का सत्यापन हो जाने के बाद भी घटना के डेढ़ महीने बीत जाने पर भी एक भी अभियुक्त की गिरफ्तारी नही होने से पुलिस की कार्यशैली पर गम्भीर सवाल उठने लगे हैं।
दरअसल, गत 11 मार्च की रात घटी इस बड़ी दुर्दांत घटना में कारवाई नही होने पर सोमवार को कुछ पीड़ित दुकानदार एसएसपी अवकाश कुमार से मिले। उन्होंने एसएसपी से न्याय की गुहार लगाते हुए इस मामले में कारवाई की माँग की है।पीड़ित दुकानदारों द्वारा एसएसपी को दिए जिस आवेदन की प्रति वॉयस ऑफ दरभंगा को मिली है, उसके अनुसार उन्होंने स्पष्ट

रुप से आरोप लगाया है कि सभी आरोपी मेडिकल छात्र रोज हाजरी बना रहे हैं और परीक्षा भी दे रहे हैं, फिर भी पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यालय डीएसपी अमित कुमार ने बताया कि पुलिस अपना काम कर रही है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जिन अभियुक्तों की पहचान हुई थी, वे मेडिकल छात्र थे। अतः दरभंगा मेडीकल कॉलेज प्रशासन को पत्र

भेजकर सत्यापन केलिए डिटेल मांगा गया था। पर उन्होंने कोई स्पष्ट डिटेल नही दिया। इसके अलावा उन्होंने कोर्ट द्वारा वारंट निर्गत होने की प्रतीक्षा की बात भी कही।
इस मामले में संवाददाता द्वारा तत्कालीन प्रभारी एसएसपी के उस बयान का हवाला दिया गया जिसमें उन्होंने 12 अभियुक्तों के नाम पता सत्यापित हो जाने और दस दिनों के अंदर सबकी गिरफ्तारी की बात कही थी। इस पर जवाब देते हुए मुख्यालय डीएसपी ने कहा कि सभी अभियुक्त लगातार फरार चल रहे हैं।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या पीड़ित दुकानदारों के आरोप जिनमे आरोपी मेडिकल छात्रों द्वारा हाजरी बनाने की बात की जा रही है, इसका सत्यापन नही होना चाहिए! यदि फिर भी सभी अभियुक्त फरार हैं और वे मेडिकल के छात्र हैं तो क्या पुलिस यदि चाहे तो उन्हें खोज कर गिरफ्तार नही कर सकती!
अब देखने वाली बात होगी कि एकबार फिर यह मामला सामने आने पर पुलिस चिन्हित अभियुक्तों की गिरफ्तारी कर पुलिस पर आमजन का भरोसा कायम रख पाती है, या अनन्त काल तक सभी अभियुक्तों को फरार बता कर ही कर्तव्य की इतिश्री कर लेती है!

