
सांसद ने किया मखाना अनुसंधान केंद्र में आयोजित एकदिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन।
दरभंगा: दरभंगा के सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ने भारत सरकार के सीएसएस स्कीम के तहत बुधवार को दरभंगा स्थित मखाना अनुसंधान केंद्र में आयोजित एकदिवसीय कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।
इस दौरान सांसद ने कहा की एफपीओ केंद्र सरकार का एक महत्त्वाकांक्षी योजना है। उन्होंने ने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था का रीढ़ है और यह योजना सिर्फ इस रीढ़ को

मजबूत नहीं करेगा वरन उन्नत कृषि और संगठन के माध्यम से मखाना कृषकों को आत्मनिर्भर बनाकर प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के सपनों को साकार करेगा। इस परियोजना के अंतर्गत प्रखंड स्तर पर एक किसानों का संगठन बनेगा, जिसमें सभी कृषक दो हजार रुपये अपना अंशपूँजी जमा करेंगे, भारत सरकार एफपीओ के हितधारकों के अंशपूँजी के बराबर अधिकतम 15 लाख का इक्विटी ग्रांट एफपीओ को देगी साथ ही एफपीओ के प्रबंधन एवं संचालन के लिए तीन वर्ष के लिए 18 लाख रुपये तक का प्रबंधन खर्च देंगी । प्रत्येक एफपीओ में एक कृषि स्नातक सीईओ और एक लेखाकार की नियुक्ति एफपीओ द्वारा की जाएगी।
सांसद ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य जिले में मखाना उत्पादक किसानों का सहकारी कृषक उत्पादक संगठन बनाकर दरभंगा को मखाना हब के रूप में विश्व पटल पर स्थापित करने हेतु कार्य योजना पर काम चल रहा है। कार्यक्रम के दौरान सांसद

डॉ. ठाकुर ने “मखाना” नामक पुस्तक लेखन हेतु प्रो. विद्यानाथ झा को पाग व चादर देकर सम्मानित किए।
सांसद डॉ ठाकुर ने एक जिला एक उत्पाद के अंतर्गत ‘मखाना के उत्पादन एवं विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रधानमंत्री द्वारा एवं राज्यस्तर पर मुख्यमंत्री द्वारा दरभंगा जिला को पुरस्कार देने हेतु समस्त मखाना किसानों की ओर से धन्यवाद दिया। सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि दरभंगा एयरपोर्ट पर कार्गो कॉम्प्लेक्स का निर्माण हो जाने, मखाना एवं अन्य स्थानीय उत्पाद को ग्लोबल स्तर पर व्यवसाय करने को बढ़ावा मिलेगा।

