
दस दिवसीय जिलास्तरीय एनसीसी कैम्प सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ समापन।
दरभंगा: जिले के हायाघाट अवस्थित स्थानीय महंत कर्ण ज्योति उच्च विद्यालय के प्रांगण में चल रहे 10 दिवसीय जिलास्तरीय एनसीसी कैम्प सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का मंगलवार को समापन हो गया। समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुँचे एनसीसी के बिहार झारखंड के एडीजी एम इंद्र बालन को सर्वप्रथम एनसीसी कैडेट ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें सम्मानित किया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि एनसीसी में आना और बी व सी सर्टिफिकेट लेना मकसद नहीं होना चाहिए। कैडेट को आर्मी एवं पुलिस में भर्ती के लिए एनसीसी एक बेहतर विकल्प उत्पन्न करता है। जो कैडेट अपने लक्ष्य को ट्रेनिंग के दौरान बेहतर सफलता विकट परिस्थितियों में टाइम की पाबंदी के साथ पूरा करते हैं, वहीं सबसे बड़ा मूल मंत्र है। उन्होंने कहा कि तंबू में तब्दील करना एक बड़ा प्रशिक्षण है। ट्रेनिंग के दौरान तंबू में प्रशिक्षण करना एक अलग छवि उपलब्धि प्राप्त होती है।

उन्होंने कहा कि एनसीसी कैंप में जो प्रशिक्षण आप सभी कैडेट को दिया जाता है। वह आपस में सभी को भविष्य में काम आने की संभावना अधिक है। कैडेट ने जो प्रदर्शनी दिखाई है वह छोटे से यूनिट के लिए काफी काबिलियत तारीफ है। उन्होंने कहा कि मेहनत की बदौलत ही आप अपना भविष्य संवार सकते हैं। ट्रेनिंग करने के बाद जब कैडेट अपने घर जाते हैं तो वह अपने परिवार एवं अपने समाज में एक अलग पहचान बनाते हैं। यह पहचान तभी बन सकती है जब आप की ट्रेनिंग पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से की हो।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी चाहते हैं कि एनसीसी के द्वारा सोशल चेंज देश में लाया जाए। इसलिए उन्होंने बॉर्डर एरिया में एनसीसी का विस्तार किया है। सबसे पहले बिहार एवं झारखंड के बॉर्डर एरिया में एनसीसी का फैलाव सबसे अधिक हुआ है। माैके पर एनसीसी के उप महा निर्देशक पटना ब्रिगेडियर एके सिंह, ग्रुप कमांडर मुजफ्फरपुर ब्रिगेडियर राजेश नेगी ने एनसीसी कैडेट को कई तरह के सुझाव एवं बेहतर विकल्प के बारे में विस्तार पूर्वक विचार साझा किया।
इस अवसर पर एनसीसी पदाधिकारी सहायक प्राध्यापक लेफ्टिनेंट डॉ. नरेश कुमार, सेकंड ऑफिसर शबाना खातून, थर्ड ऑफिसर मुकेश कुमार पासवान,थर्ड ऑफिसर पंकज कुमार गुप्ता, थर्ड ऑफिसर मो. संजील, कमांडिंग ऑफिसर कर्नल अजय सिंह, प्रशासनिक पदाधिकारी के आर रेड्डी के साथ साथ सूबेदार, मेजर थे।

