
51 करोड़ की लागत से होगा मिथिला संस्कृत शोध संस्थान का कायाकल्प : सांसद।
दरभंगा: भाजपा सांसद डॉ. गोपालजी ठाकुर ने कहा कि मिथिला आदि काल से ही ज्ञान और परंपरा का केंद्र रहा है, लेकिन उपेक्षापूर्ण नीतियों के कारण मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर शोध संस्थान का विकास ठप हो गया था। अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इसके कायाकल्प के लिए 51 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। शीघ्र ही मुख्यमंत्री दरभंगा आकर जीर्णोद्धार कार्यों का शिलान्यास करेंगे।

सांसद ने शनिवार को अपने संसदीय कार्यालय में बिहार शिक्षा आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड के कार्यपालक अभियंता एवं अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि 51 करोड़ रुपये की राशि से संस्थान का व्यापक विकास होगा।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि जिन योजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा, उनमें 17 करोड़ 3 लाख 83 हजार 822 रुपये की लागत से अकादमिक बिल्डिंग, 9 करोड़ 48 लाख 67 हजार 337 रुपये की लागत से छात्रावास, 5 करोड़ 21 लाख 78 हजार 102 रुपये से अतिथिगृह और 5 करोड़ 48 लाख 46 हजार 118 रुपये की लागत से बाउंड्री वॉल का निर्माण शामिल है।

इसके अलावा पुराने भवनों में मरम्मत और नवीनीकरण के लिए लगभग 3 करोड़ रुपये, जबकि सड़क, नाला, पांडुलिपि भवन, परिसर का समतलीकरण एवं मिट्टीकरण कार्यों के लिए 5 करोड़ 90 लाख 29 हजार 604 रुपये खर्च किए जाएंगे। सांसद ने शोध संस्थान से जुड़ी फोरलेन सड़क और सतीआरा के समीप पुल निर्माण हेतु भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।


