
अतिक्रमण हटाने गए अधिकारियों का हुआ विरोध, बिना नोटिस निर्माण तोड़ने का आरोप।
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दरभंगा: दरभंगा में इन दिनों अतिक्रमण हटाने को लेकर एकबार फिर जिला प्रशासन की सख्ती दिखने लगी है। हलाँकि यह शुरुआत मुख्य सड़कों और नालों पर बने बड़े बड़े बिल्डिंग को तोड़ने से न होकर, अपेक्षाकृत छोटे मोटे स्तर पर किये गए अतिक्रमणों को तोड़ने से हुई है। इसी कारण विरोध भी आमजन का दिखता है। सामान्यतया लोगों में विश्वास की कमी इस बात को लेकर भी है कि यदि प्रशासन बड़े मछलियों पर हाथ नही डालती। यदि वहां डाले तो छोटे मोटे लोग खुद अतिक्रमण हटा लेंगे।
बुधवार को शहर के कोतवाली ओपी के निकट अवस्थित लाल पोखर के निकट बने अतिक्रमण को हटाने पहुंचे अधिकारियों को भी काफी मशक्क्त करनी पड़ी। सदर अंचल के अंचलाधिकारी के नेतृत्व में पहुंची टीम के साथ कोतवाली ओपी की पुलिस भी

मौजूद थी। चिन्हित मकानों एवं दीवारों को तोड़ने के दौरान उन्हें भारी प्रतिरोध का सामना करना पड़ा। लोगों का आरोप था कि उन्हें पहले नोटिस नही मिला। बिना नोटिस मकान तोड़ने पहुंच गये हैं। लोग नापी से ज्यादा भाग तोड़ने का आरोप भी लगा रहे थे।
स्थानीय समाजसेवी पिंकू गिरी ने बताया कि एक तो बिना नोटिस अतिक्रमण तोड़ा जा रहा था, ऊपर से बिना परमिशन अधिकारी पुलिस बल की धौंस दिखाते किसी के घर मे घुसकर अतिक्रमण तोड़ने जा रहे थे। उन्हें यदि किसी के घर से होकर जाने की जरूरत पड़ी तो कोई अपराधी नही थे। पूछकर जाना चाहिए। इन्ही कारणों से लोगों में आक्रोश था। उन्होंने कहा कि

मुख्य नालों एवं मुख्य सड़को पर बने बड़े बड़े होटल, रेटस्ट्रोरेन्ट, हॉस्पिटल या मकान आदि को उनके रसूख के कारण प्रशासन तोड़ने की हिम्मत नही दिखा पाती। पुलिस यदि वहां हिम्मत दिखा पाती तो आमलोगों में ईमानदार कारवाई का विश्वास होता और वे खुद सहयोग करते। पर प्रशासन का बुलडोजर केवल गरीब पर ही चलता है।

