
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के काउंटडाउन कार्यक्रम में योग के फायदे से कराया गया अवगत।
दरभंगा: राष्ट्रीय सेवा योजना की महारानी कल्याणी कॉलेज इकाई की ओर से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर काउंटडाउन कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत योग संबंधी व्याख्यान, क्विज तथा पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
डॉ. दिवाकर नाथ झा ने कहा कि योग एक साधना है जिससे प्राप्त शक्ति से शरीर और मन में एक संतुलन स्थापित होता है। यही शक्ति मनुष्य को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाता है। सदियों पुरानी हमारी योग परंपरा वास्तव में मनुष्य जीवन के परम लक्ष्य तक जाने वाले मार्ग को प्रशस्त करता है। इससे मनुष्य अंततोगत्वा अपने जीवन के परम आनंद को प्राप्त करता है। डॉ. शम्शे आलम ने कहा कि हमारा शरीर, मस्तिष्क, आत्मा और मन का एक पुंज है। हमारे ऋषि-मुनियों ने योग नामक एक ऐसी विधा का अविष्कार किया था जो मस्तिष्क, आत्मा और मन को जोड़कर एक पुंज बनाता है। इस पुंज के जुड़ने पर ही मन नियंत्रित होता है और आत्मा में ईश्वर का निवास होता है। यदि हम सभी धर्मों के ध्यान, उपासना या नमाज अदा करने के तौर-तरीकों पर ध्यान दें तो हम पाते हैं कि सभी धर्मों में उपासना की जितनी भी विधाएं हैं वे सभी योग का ही रूप हैं।

मुख्य वक्ता डॉ. सरोज चौधरी ने कहा कि वर्तमान वैश्वीकरण के युग में आज योग स्वस्थ व संतुलित जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह किसी धर्म या संप्रदाय से नहीं बल्कि योग विरक्ति और समष्टि से जुड़ा है। वस्तुत: ध्यान ही योग है। मानव की चित्त वृत्तियां अत्यंत चंचल होती हैं जो कि उसे नकारात्मक प्रवृति की ओर ज्यादा उन्मुख करती हैं। ऐसी अवस्था में हम सभी के लिए यह आवश्यक हो गया है कि योग से अपनी चित्त की वृत्तियों को नियंत्रित करके सकारात्मक प्रवृत्ति की ओर उन्मुख हों।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रधानाचार्य डॉ. परवेज अख्तर ने कहा कि हमारा देश योग विधा का जनक रहा है। 21 जून को विश्व स्तर पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को मनाया जाना वर्तमान समय में भी इसकी प्रासंगिकता और महत्ता को दर्शाता है। हम सभी को अपने दैनिक जीवन में योग को स्थान देना चाहिए ताकि हम निरोग रह सकें। राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस काउंटडाउन कार्यक्रम का 14 मई एवं 20 जून को सुनिश्चित किया जाना वास्तव में सराहनीय है। मंच संचालन डॉ. रीता कुमारी ने किया।
राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. प्रियंका राय ने धन्यवाद ज्ञापन कियाआ। मौके पर योग संबंधी क्विज तथा पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। क्विज में मो. अब्दुल्ला खान ने प्रथम स्थान, रविशंकर प्रसाद ने द्वितीय स्थान तथा जयकांत कुमार और राधिका शीतल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। पोस्टर प्रतियोगिता में हर्ष राज झा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इन प्रतियोगिताओं का संचालन डॉ. सुनीता कुमारी, डॉ. गीतांजलि चौधरी, डॉ. श्वेता शशि तथा डॉ. रीता कुमारी ने किया।

