Home Featured बाढ़ पूर्व तैयारियों को लेकर डीएम ने अभियंताओं एवं अंचलाधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक।
Featured - मुख्य - May 14, 2022

बाढ़ पूर्व तैयारियों को लेकर डीएम ने अभियंताओं एवं अंचलाधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक।

दरभंगा: शनिवार को समाहरणालय परिसर अवस्थित अंबेडकर सभागार में जिलाधिकारी राजीव रौशन की अध्यक्षता में बाढ़ पूर्व तैयारी को लेकर संबंधित पदाधिकारियों, अभियंताओं व अंचलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गयी। बैठक में अब तक की तैयारी की गहन समीक्षा की गयी।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिस बाढ़ प्रमंडल के तटबंध दरभंगा जिले में जितनी दूरी तक हैं, उसकी सुरक्षा की जिम्मेवारी भी संबंधित प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता की है। उन्होंने संवेदनशील कटाव स्थलों पर पर्याप्त संख्या में मिट्टी भरे हुए बैग की व्यवस्था रखने का निर्देश दिया। साथ ही सभी एसडीओ व सीओ को अपने-अपने क्षेत्र के तटबंधों का सर्वे करवा लेने का निर्देश दिया। जिन स्थलों पर कार्य कराने की आवश्यकता है, उसकी सूचना लिखित में संबंधित बाढ़ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को दे देने का निर्देश दिया।

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उन्होंने जिला सांख्यिकी पदाधिकारी को सभी प्रखंडों में वर्षामापक यंत्र को दुरुस्त करवा लेने का निर्देश दिया। बताया गया कि जाले को छोड़कर सभी प्रखंडों में वर्षामापक यंत्र क्रियाशील है। प्रभारी पदाधिकारी, जिला आपदा प्रबंधन सत्यम सहायक ने बताया कि चूड़ा, गुड़, सत्तू, पॉलिथीन शीट इत्यादि की निविदा हो गयी है। टेंट तथा जेनरेटर के लिए दर का निर्धारण कर लिया गया है। बाढ़ सहायता अनुदान राशि के त्वरित भुगतान के लिए सम्पूर्ति पोर्टल पर लाभुकों के नाम, आधार व बैंक खाता संख्या को अपडेट करना है। सभी सीओ को इसके लिए निर्देश दिये जा चुके हैं।

जिलाधिकारी ने सभी सीओ से कहा कि सम्पूर्ति पोर्टल पर मृतकों के नाम एवं गलत नाम हटाते हुए नये लाभुकों नाम जोड़ने की कार्रवाई पूरी पारदर्शिता के साथ 18 मई से पहले कर ले। डीएम ने पशु कैम्प, पशु दवा व भ्रमणशील पशु चिकित्सा दल का गठन शीघ्र कर लेने को कहा। बताया गया कि जिले में दो महाजाल उपलब्ध है तथा 152 सरकारी नाव एवं 747 निजी नाव उपलब्ध हैं। डीएम ने सभी सीओ को निजी नाविकों के साथ एकरारनामा कर लेने, डीटीओ कार्यालय से नाव का निबंधन करा लेने व नाव का भौतिक सत्यापन कर लेने का निर्देश दिया। साथ ही 16 मई तक सभी नाविकों के लंबित भुगतान कर देने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने सभी बाढ़ प्रभावित अंचलों को 500-500 पॉलिथीन शीट्स तथा बिरौल अनुमंडल को 2,500 एवं बेनीपुर अनुमंडल को 1,200 पॉलिथीन शीट्स उपलब्ध करा देने का निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि एसडीआरएफ के पांच मोटर बोट जिले में उपलब्ध हैं, जिनमें दो परिचालन योग्य हैं व तीन में मरम्मत की आवश्यकता है। डीएम ने इसके लिए आवश्यक निर्देश दिये।

साथ ही बाढ़ के दौरान तथा अग्निकांड से हुई गृह क्षति का लंबित भुगतान 18 मई से पहले कर देने का निर्देश दिया। सिविल सर्जन ने बताया कि उनके पास सर्पदंश की छह हजार एवं कुत्ता काटने की 16 हजार इन्जेक्शन के साथ सभी आवश्यक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। उन्होंने 28 चलंत चिकित्सा दल का भी गठन कर दिया है।

बैठक में बताया गया कि जिले में 434 बाढ़ शरण स्थली तथा 13 बाढ़ आश्रय स्थल चिन्ह्ति कर लिया गया है। उन सबों में पेयजल व शौचालय की व्यवस्था अद्यतन कर लेने का निर्देश पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता को दिया गया। जिलाधिकारी ने सभी बाढ़ प्रमंडल को अपने-अपने स्लूईस गेट को दुरुस्त करवा लेने का निर्देश दिया। साथ ही ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंताओं को सड़कों को दुरुस्त करवा लेने तथा बाढ़ क्षेत्र में वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था भी रखने का निर्देश दिया।

बैठक में नगर आयुक्त कुमार गौरव, अपर समाहर्ता (राजस्व) विभूति रंजन चौधरी, सदर एसडीओ स्पर्श गुप्ता, सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार, भूमि सुधार उप समाहर्त्ता मो. सादुल हसन, जिला आपूर्ति पदाधिकारी अजय कुमार, उप निर्देशक, जनसम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, डीटीओ रवि कुमार, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी शम्भू प्रसाद, डीएओ राधा रमण आदि थे।

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