Home Featured प्रसूता की मौत पर परिजनों ने जमकर काटा बवाल, जान बचाने केलिए डॉक्टर एवं नर्स हुए कमरे में बंद।
Featured - मुख्य - May 14, 2022

प्रसूता की मौत पर परिजनों ने जमकर काटा बवाल, जान बचाने केलिए डॉक्टर एवं नर्स हुए कमरे में बंद।

 

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दरभंगा: अपनी कुव्यवस्थाओं एवं विवादों के कारण अक्सर चर्चा में रहने वाला दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल डीएमसीएच में शनिवार को एकबार फिर जमकर बवाल हुआ। डीएमसीएच के गायनी विभाग में शनिवार की दोपहर एक प्रसूता की मौत पर आक्रोशित परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर डॉक्टरों एवं नर्सों को खदेड़ना शुरू कर दिया। डॉक्टर एवं नर्स ने खुद को कमरे में बंद करके अपनी जान बचायी। इस दौरान न्यूज कवर करने गए पत्रकारों के साथ भी पुलिस एवं सुरक्षा गार्डों की उपस्थिति में बदसलूकी हुई।

घटना की सूचना मिलने पर क्यूआरटी के अलावा लहेरियासराय, बेंता, नगर, कोतवाली और सदर थाने की पुलिस वहां पहुंची। काफी मशक्कत के बाद परिजनों को शांत कराया गया। मृतका की पहचान बाकरगंज सैदनगर निवासी राहुल महतो की पत्नी अभिलाषा देवी उर्फ चांदनी (25) के रूप में की गई है। जानकारी के अनुसार सुबह करीब छह बजे चिकित्सकों ने अभिलाषा देवी का सीजेरियन किया था। इस दौरान उसने एक पुत्र को जन्म दिया।

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ऑपरेशन के बाद प्रसूता को इलाज के लिए वहां के आईसीयू में रखा गया था।बताया जाता है कि दोपहर करीब 12 बजे उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। चिकित्सक प्रसूता के इलाज में जुट गईं। हालांकि करीब डेढ़ घंटे के बाद उसने दम तोड़ दिया। प्रसूता की मौत होने पर वहां काफी संख्या में जुटे महिला व पुरुष परिजन बेकाबू हो गए। इसके बाद करीब तीन घंटे तक गायनी विभाग में हंगामा चलता रहा।

इसी बीच गायनी विभाग में कई चिकित्सकों के फंसे रहने की आशंका में जूनियर डॉक्टर वहां जुटने लगे। काफी संख्या में जूनियर डॉक्टरों के जुटने वहां परिजन व चिकित्सकों के बीच मारपीट होने की नौबत आ गई। हालांकि अधीक्षक की सूचना पर ऐन मौके पर पुलिस के पहुंचने से मामला शांत हो सका। पुलिस के समझाने-बुझाने के बाद वे शाम करीब चार बजे शव लेकर वहां से चले गए।

वहीं डीएमसीएच अधीक्षक हरिशंकर मिश्रा ने कहा है कि प्रसूता की मौत के कारणों की जांच कराई जाएगी। इलाज में लापरवाही की बात सामने आती है तो संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कारवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने सुरक्षा में लापरवाही पर पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा कि सुरक्षा मुहैया कराना प्रशासन का काम है। यहां अक्सर ऐसी घटना होती रहती है। इसलिए डीएमसीएच में एक ओपी की मांग की जाती रही है। पर अबतक पूरा नही किया जा सका है।

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