
मोबाइल और पर्स वापस कर नेयाज अहमद उर्फ नाजुद्दीन ने पेश की इंसानियत की मिशाल।
दरभंगा: आजकल लोगों में लालच इतना बढ़ गया है कि थोड़े से पैसे और संपत्ति के लालच में भाई भाई का खून बहा देते हैं। वहीं कुछ लोग आज भी ऐसे हैं जो लालच को मात देकर इंसानियत की मिसाल पेश करते हैं।
बताते चलें कि गत 15 मई 2022 की रात लगभग 11 बजे बहादुरपुर प्रखंड के श्रीदिलपुर गाँव का एक दंपत्ति पड़ोस के उघरा गाँव से यज्ञ देखकर वापस लौट रहा था। श्रीदिलपुर आने के क्रम में उनका मोबाइल व पर्स एक साथ गिर गया। जर्जर सड़क होने के वजह से वो समझ नहीं सके। घर आने के कुछ देर बाद वो अपना मोबाइल खोजा तो मोबाइल नहीं मिला। मोबाइल पर

उन्होंने कॉल किया तो सामने से एक युवक की आवाज आयी। वो कोई और नहीं दरभंगा जिला के बहेड़ी प्रखंड के बलिगांव निवासी सह बलिगांव स्थित मदरसा शिक्षक नेयाज अहमद उर्फ नाजुद्दीन शेख थे। उन्होंने फोन को स्वीच ऑफ नहीं किया बल्कि बात किया और बताया कि ये मोबाइल मुझे रास्ते में पर्स के साथ गिरा मिला। इसीलिए मैंने उठा लिया कि अगर किसी और ने उठा लिया तो पता नहीं कि वो देगा या नहीं। आप सुबह आईये। मैं आपको आपका मोबाइल और पर्स वापस कर दूंगा। लेकिन दंपत्ति ने रात में ही उनसे देने का आग्रह किया तो उन्होंने कहा कि आप बलिगांव स्थित मस्जिद व मदरसा के पास आईये। मैं आपको अभी वापस कर दूंगा।
इसके बाद दंपत्ति ने श्रीदिलपुर निवासी समाजसेवी डॉ चंदन ठाकुर को सारी बात बतायी। उन्होंने दंपत्ति से कहा आप इत्मीनान रहिये। मैं आपको अभी मोबाइल व पर्स ला देता हूँ। डॉ० ठाकुर ने फौरन अपने चचेरे भाई शशि व राहुल के साथ दो बाइक से रात को ही बलिगांव के लिये प्रस्थान कर गए। रात करीब 12 बजे नाजुद्दीन शेख से बलिगांव स्थित मस्जिद के पास इनलोगों की मुलाकात हुई। उन्होंने फौरन मोबाइल व पर्स दोनों वापस कर पैसे गिन लेने का आग्रह किया। उनलोगों ने एक-दूसरे को गले लगाया और फिर से बलिगांव आने की हामी भर

वहां से वापस करीब 12 बजकर 50 मिनट पर श्रीदिलपुर लौट आये। उसके बाद वो पीड़ित दंपत्ति को उनका मोबाइल व पर्स सौंप ही रहे थे कि नाजुद्दीन साहब का कॉल आया कि आपलोग सुरक्षित घर पहुंच गये न?
आज के दौर में नेयाज अहमद उर्फ नाजुद्दीन शेख ने इंसानियत की जो मिशाल पेश की है वो किताबों के पन्नों में पढ़ने को मिलता है, वास्तविकता में नहीं लेकिन आज नाजुद्दीन शेख साहब ने यह साबित कर दिया है कि आज भी समाज में ऐसे सकारात्मक लोगों की कमी नहीं है। उन्होंने जो इंसानियत की मिसाल पेश की है वो पूरे बहेड़ी व बहादुरपुर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। उनके इस इंसानियत भरे फैसले को देखते हुए समस्त श्रीदिलपुर ग्रामवासियों ने यह निर्णय लिया है कि आगामी 15 अगस्त 2022 को दरभंगा जिला के ऐतिहासिक क्रांतिस्तंभ पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में उन्हें मुख्य अतिथि के हाथों से “सिंबल ऑफ ऑनेस्टी अवॉर्ड:- 2022” से सम्मानित किया जायेगा। ताकि समाज में एक सकारात्मक संदेश जाय और इंसानियत की अलख जग सके।

