Home Featured समस्याओं को दूर कर अशोक पेपर मिल को पुनः चालू करने का किया जाएगा प्रयास।
Featured - मुख्य - May 25, 2022

समस्याओं को दूर कर अशोक पेपर मिल को पुनः चालू करने का किया जाएगा प्रयास।

 

दरभंगा: बिहार सरकार के उद्योग विभाग के मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने बुधवार को जिले हायाघाट अवस्थित अशोक पेपर मिल का निरीक्षण किया। लगभग 40 वर्षों से बंद पड़ी अशोक पेपर मिल का मंत्री द्वारा निरीक्षण किये जाने से एकबार पुनः इसके चालू होने की उम्मीद लोगों में जगी। उन्होंने मिल परिसर समेत पूरी फैक्ट्री का भी भ्रमण किया।

उनके निरीक्षण के दौरान अशोक पेपर मिल मजदूर पंचायत यूनियन के अध्यक्ष डॉ. शाहनवाज अहमद कैफी के नेतृत्व में मिल के वर्तमान एवं रिटायर कामगारों की भारी भीड़ जमा थी। इन सबों का कहना था कि किसी भी उद्योग मंत्री को यहां पहुंचने में 40 वर्ष लग गए। अब सरकार आए हैं तो मिल चलने की आस बढ़ गयी है।

Advertisement

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि अशोक पेपर मिल के विषय पर किसी बयानबाजी की जरूरत नहीं है। इसको चालू कैसे किया जाय, इसमें और इंडस्ट्री कैसे लगे इस पर विचार करने की जरूरत है। इस इलाके के लोग भी यहां इंडस्ट्री लगाने को इन्ट्रेस्टेड हैं। पिछली बार यहां विवाद में गोली चली थी, इसके बाद मिल बंद हो गयी। अब विवाद नहीं करना है। सभी पक्षों को एक करके इसका हल निकालना है। यह कठिन कार्य है, लेकिन कठिन कार्य करने के लिए ही हमलोग यहां इतना बड़ा विजिट कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज श्रम मंत्री जीवेश कुमार एवं सांसद गोपाल जी ठाकुर, विधायक डॉ. रामचंद्र प्रसाद, एमएलसी डॉ. अर्जुन सहनी आदि के साथ यहां आए हैं। हम लोगों ने श्रम मंत्री के साथ यूनियन के लोगों को भी बुलाकर विषय को समझा था। उद्योग विभाग में प्रबंधन के लोगों के साथ भी हम लोगों ने इसके हल के लिए बैठक की थी। हम लोग निष्पक्षता के साथ इसका हल निकालेंगे। दरभंगा के इलाके में यदि कोई उद्योग बढ़ेगा तो वह यहीं से बढ़ेगा, क्योंकि जो पुराना था उसी को स्थापित कर देना है। अभी तो मिथिला के लोहट में ढाई लाख लीटर का एथेनॉल प्लांट बनने जा रहा है। इसके अलावा 65 हजार लीटर का पूर्णिया में भी बनना है। एग्रीमेंट हो चुका है, काम चालू है। लोहट के इलाके में जो बंद पड़ी चीनी मिल की जमीनें हैं उस पर हमने एक अच्छी कंपनी को वहां नयी चीनी मिल लगाने को कहा है। यहां बड़ी तादाद में उद्योग लग सकता है लेकिन इसमें अब किसी को नेतागिरी नहीं करनी है, विवाद नहीं करना है। जो भी समस्याएं हैं चाहे वह पीएफ एवं मजदूरों की समस्या हो, सभी के हितों को ध्यान में रखेंगे और इसको चलाने की कोशिश करेंगे।

Share