
दरभंगा में मिथिला हाट बनाने की उद्योग मंत्री ने की घोषणा।
दरभंगा: समाहरणालय अवस्थित अम्बेडकर सभागार में बुधवार को बिहार सरकार के उद्योग विभाग के मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन की अध्यक्षता में उद्योग विभाग की योजनाओं की प्रगति एवं दरभंगा में उद्योग स्थापित करने को लेकर बैठक आयोजित की गयी। बैठक में दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर, समाज कल्याण विभाग के मंत्री मदन सहनी, हायाघाट के विधायक रामचंद्र प्रसाद एवं विधान पार्षद अर्जुन सहनी उपस्थित थे।
बैठक में जिलाधिकारी राजीव रौशन के निर्देश पर उद्योग विस्तार पदाधिकारी नंदकिशोर यादव द्वारा पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि दरभंगा जिला में एक करोड़ 57 लाख रुपये की लागत से जिला उद्योग केंद्र भवन का निर्माण कराया गया है। मौलागंज में टेराकोटा क्लस्टर को सहायता प्रदान करने हेतु 40 लाख रुपये की लागत से सामान्य सुविधा केंद्र भवन बनाया गया, इसके साथ ही टूल्स एवं ट्रेनिंग सेंटर का भवन बन रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत दरभंगा जिले में वर्ष 2020-21 में निर्धारित लक्ष्य 100 लाभुकों को ऋण उपलब्ध कराने के विरूद्ध 104 लाभुकों को 310.04 लाख रुपये उपलब्ध कराया गया। वर्ष 2021-22 में निर्धारित लक्ष्य 100 के विरुद्ध 134 युवकों को ऋण उपलब्ध कराया गया। वर्ष 2022-23 के लिए निर्धारित लक्ष्य 250 है।

इस उपलब्धि पर मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के अंतर्गत बिहार में दरभंगा जिला ने सर्वश्रेष्ठ काम किया है। यहां लक्ष्य से अधिक लोगों को ऋण उपलब्ध कराया गया है। इसके लिए यहां के बैंकर्स भी बधाई के पात्र हैं।
मंत्री श्री हुसैन ने कहा कि दरभंगा में मखाना का बड़ा कलस्टर बनाया जाएगा। इसके लिए उद्योग विभाग दो करोड़ रुपये आवंटित करने जा रहा है। दरभंगा में मिथिला हाट बनेगा। इसके लिए जल्द ही उपयुक्त स्थल का चयन कर लिया जाए।
बैठक में उद्योग विभाग की योजनाओं की प्रगति व दरभंगा में उद्योग स्थापित करने पर चर्चा हुई। उद्योग मंत्री ने कहा कि जिले में एक तालाब का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। इसमें फव्वारा लगाया जाएगा। तालाब के चारों तरफ दुकानें बनवायी जाएंगी तथा वहां सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक मो. अंजारुल हसन ने कहा कि इसके लिए सारा मोहनपुर स्थित तालाब का चयन किया गया है। उद्योग मंत्री ने कहा कि दरभंगा में हवाई अड्डा बन जाने से यह टेक्सटाइल उद्योग का हब बनने जा रहा है। कई उद्यमी इसके लिए संपर्क कर रहे हैं। यहां जूस, मखाना, खाद्य प्रसंस्करण व वस्त्रत्त् उद्योग की असीम संभावनाएं हैं। इसके लिए जमीन की तलाश की जा रही है। इथेनॉल उद्योग की शुरुआत पूर्णिया व मुजफ्फरपुर में की गई है। इसके बाद अब भागलपुर और दरभंगा की बारी है।
सांसद गोपाल जी ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दरभंगा डीएम को ‘एक जिला एक उत्पाद’ के अंतर्गत मखाना उत्पादन को बेहतर ढंग से पोषित करने के लिए सम्मानित किया है। इसलिए उद्योग विभाग को इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। डीएम राजीव रौशन ने कहा कि मखाना को उद्योग मंत्रालय से अलग कोड आवंटित करने की जरूरत है।

