
यूनाइटेड नेशन भी कर रहे हैं बिहार सरकार के जल जीवन हरियाली अभियान की प्रशंसा: मनोहर।
दरभंगा: वसुधैव कुटुम्बकम के विचार को केंद्र में रखते हुए पर्यावरणीय चेतना को जगाने के लिए राज्य और समाज के बीच संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से वाटर मैन राजेन्द्र सिंह के पहल पर शुरू हुई बिहार संवाद यात्रा गुरुवार को दरभंगा पहुंची। इस अवसर पर समाहरणालय परिसर अवस्थित अम्बेडकर सभागार में जन जागरूकता कार्यक्रम एवं बहु पक्षीय संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
दरअसल, बढ़ती हुई भयानक गर्मी और असामयिक वर्षा, ग्लेशियर का पिघलना, कहीं भयंकर बाढ़ तो कहीं सूखा की त्रासदी, छोटी-बड़ी नदियों में भयंकर प्रदूषण, वन क्षेत्र का कम होना, भूगर्भ में जल स्तर की कमी तथा जल आपदा आदि ने मानव जीवन पर संकट खड़ा कर रखा है।
इसी को देखते हुए बिहार सरकार ने जल जीवन हरियाली के माध्यम से वैश्विक महत्व का पहल किया है। इससे देश और दुनिया को प्रेरणा मिल रही है। परंतु जब तक सरकार के साथ समाज की व्यापक भागीदारी नहीं होगी तब तक यह अभियान पूर्णरूपेण सफल नहीं होगा। लिहाजा राज्य सरकार ने वसुधैव कुटुंबकम के विचार को केंद्र में रख पर्यावरणीय चेतना जगाने के लिए सरकार और समाज के बीच सार्थक संवाद के उद्देश्य से यात्रा प्रारंभ किया है। गत 25 अप्रैल से शुरू यह यात्रा विभिन्न जिलों से होते हुए गुरुवार को दरभंगा पहुंची।

कार्यक्रम के संयोजक मनोहर मानव ने अपने संबोधन में कहा कि गत 25 अप्रैल को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस यात्रा को पटना से रवाना किया था। इस दौरान बिहार के विभिन्न जिलों में बहुपक्षीय संवाद का आयोजन किया जा रहा है। मनोहर ने कहा कि जल जीवन हरियाली अभियान चलाकर बिहार सरकार ने दूरदर्शी पहल की है। इसकी गूंज देश-दुनिया में सुनाई दे रही है। यूनाइटेड नेशन भी जीवन हरियाली अभियान की सराहना कर रहा है। पर्यावरणीय संकट के समाधान में यह अभियान काफी कारगर साबित होगा। इस आधार पर मैं यह कह सकता हूं कि बिहार आज देश-दुनिया को एक नया रास्ता दिखा रहा है। हमारी यह यात्रा राज के साथ समाज को जोड़ने का है। इससे हम पर्यावरणीय संकट को दूर करने का भी प्रयास कर रहे हैं। हम लोगों को बता रहे हैं कि पानी और हवा हमारे लिए अमूल्य है। हमारे पूर्वजों ने जो विरासत हमें दी है, उसकी रक्षा हम सभी को मिलकर करनी है
कार्यक्रम के दौरान डीडीसी तनय सुल्तानिया, जिला पंचायती राज पदाधिकारी आलोक राज, डीपीओ मनरेगा, डीपीओ शिक्षा, एसीएमओ स्वास्थ्य, सभी प्रखंड के कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी, कार्यपालक अभियंता लघु सिंचाई एवं संबंधित पदाधिकारी गण उपस्थित थे।

