
सकारात्मक वार्ता के बाद घर लौटे परिवार सहित अनशन पर बैठे व्यवसायी जयशंकर प्रसाद गुप्ता।
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दरभंगा: गत तीन दिनों से पूरे परिवार के साथ धरनास्थल पर अनशन पर बैठे बहादुरपुर थानाक्षेत्र के कबिलपुर निवासी जयशंकर गुप्ता ने शुक्रवार की देर शाम अनशन समाप्त किया और घर लौट गए। देर शाम पहुंचे अधिकारियों संग हुए सकारात्मक वार्ता के बाद उन्होंने अनशन को स्थगित करने की घोषणा की। इसमें व्यवसायी जय शंकर प्रसाद गुप्ता के सहयोग में पहुंचे दरभंगा नगर निगम व्यवसायी महासंघ के अध्यक्ष अशोक नायक के मध्यस्थता पूर्ण प्रयास की भी अहम भूमिका रही।
बताते चलें कि गत 25 मई से जयशंकर प्रसाद गुप्ता अपनी पत्नी एवं बेटियों के साथ लहेरियासराय पोलो मैदान अवस्थित धरनास्थल पर अनशन पर बैठे थे। दो दिनों तक किसी ने इसकी सुधि नही ली। शुक्रवार को तीसरे दिन मीडिया की खबरों को देख दरभंगा नगर निगम व्यवसायी महासंघ के अध्यक्ष अशोक नायक धरनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। ततपश्चात आवश्यक कारवाई हेतु उन्होने वरीय अधिकारियों से बात की। मीडिया में भी खबरें लगातार चलती रहीं। भाजयुमो जिलाध्यक्ष बालेंदु झा भी अपने सहयोगी जय भारद्वाज के साथ धरनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने भी बहादुरपुर थानाध्यक्ष को उचित कारवाई केलिए कहा। अंततः प्रशासन की नींद खुली और देर शाम सदर एसडीपीओ कृष्णनंदन कुमार, बहादुरपुर के अंचलाधिकारी अभय पद दास, बहादुरपुर थानाध्यक्ष रविन्द्र प्रसाद, लहेरियासराय थानाध्यक्ष मदन प्रसाद आदि धरनास्थल पर पहुंचे। अनशनकारी से वार्ता उपरांत अधिकारियों ने अगले दिन से ही उनकी शिकायत पर कारवाई शुरू करने और एक सप्ताह में कारवाई पूर्ण करने का आश्वासन दिया। ततपश्चात जयशंकर गुप्ता ने परिवार सहित अनशन समाप्त किया और घर लौट गए।

जय शंकर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि वे आरएस टैंक के निकट पिछले 20-25 सालों से इलेक्ट्रिक की दुकान चला रहे थे। गत 21 दिसम्बर की रात स्थानीय निवासी श्याम कमती ने दुकान में घुसकर रंगदारी की मांग की। रंगदारी नही देने पर उन्हें मारपीट कर दुकान से बाहर निकाल दिया और दुकान में ताला मार दिया।
उन्होंने बताया कि श्याम कमती कई संगीन कांडों का पूर्व में भी अभियुक्त रहा है और जेल भी जा चुका है। एक पुलिस पदाधिकारी के पिस्टल छिनने का भी मामला दर्ज है। साथ ही कई बार शराब के मामले में भी पकड़ा जा चुका है। अपनी इसी आपराधिक छवि के कारण उसने दबंगता दिखायी बचाव में आये लोगों को भी धमकाकर भगा दिया।
घटना के बाद इसकी लिखित शिकायत लेकर पीड़ित जय शंकर गुप्ता उसी रात बहादुरपुर थाना पहुंचे। पर उनके आवेदन पर प्राथमिकी तक दर्ज नही की गयी। उन्होंने वरीय अधिकारियों को भी आवेदन दिया तथा डीजीपी एवं मुख्यमंत्री तक भी पत्र लिखा, पर कोई असर नही हुआ।
जय शंकर गुप्ता ने बताया कि वे भाजपा के भी सक्रिय नेता रहे हैं। वे वार्ड अध्यक्ष के साथ साथ नगर अध्यज एवं जिला उपाध्यक्ष के पद पर भी रहे हैं। इसी कारण उन्होंने नगर विधायक संजय सरावगी और दरभंगा के सांसद गोपालजी ठाकुर से भी मदद की गुहार लगायी, पर किसी ने कुछ नही किया। सांसद ने तो यहां तक कह दिया कि बिहार में पुलिस विधानसभा अध्यक्ष की भी नही सुनती तो वे भला किसे कहें।
जब सभी जगहों से निराशा हाथ लगी और 6 महीने तक भटकते रहने के कारण भूखे मरने की नौबत आ गयी तब अंत मे उन्होंने आमरण अनशन का रास्ता चुना।

