
नये विश्वविद्यालय पंचांग में विवाह के 58, मुंडन के 34 तथा उपनयन के 14 दिन।
दरभंगा: कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय पंचांग का विमोचन अपने कार्यालय में किया। इस अवसर पर उन्होंने सबों के सहयोग से विश्वविद्यालय पंचांग के समय पर प्रकाशन पर प्रसन्नता व्यक्त की।
कुलपति प्रो. शशिनाथ झा ने कहा कि 1974 से हम लगातार इस पंचांग का प्रकाशन कर रहे हैं। हमारे ज्योतिषी पूरे वर्ष इसके निर्माण में लगे रहते हैं। उनके परिश्रम से ही यह कार्य पूरा हो पाता है। भारतीय संस्कृति में विश्वास रखने वालों के लिए यह एक महत्वपूर्ण पंचांग है। इसी आधार पर हम अपना दैनिक कार्य एवं संस्कारों का सम्पादन करते हैं। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके प्रकाशन से पूर्व पंडितों की सभा का आयोजन किया जाता है तथा विचार-विमर्श के बाद ही इसे अंतिम रूप दिया जाता है।

वर्तमान पंचांग का आरंभ 14 जुलाई से हो रहा है। यह तीन जुलाई 2023 तक के लिए मान्य होगा। इसमें राजा चंद्रमा तथा मंत्री वृहस्पति हैं। वर्षा सात विश्वा तथा धान्य 05 विश्वा है। 15 मार्च 2023 से 14 अप्रैल 2023 तक कामाख्या में कुंभ योग का आयोजन होगा। सौराठ सभा का आयोजन 19 जून 2023 से 28 जून 2023 तक होगा। इस साल 25 अक्टूबर को खंडग्रास सूर्यग्रहण लग रहा है। वहीं, आठ नवंबर को खग्रास चंद्रग्रहण लगेगा। एक महीने में दो ग्रहण अशुभ फलदायक है। इस पंचांग में उपनयन के 14 दिन, विवाह के 58 दिन तथा मुंडन के 34 दिन हैं। गृहारंभ तथा गृहप्रवेश के लिए 28 शुभ मुहूर्त हैं। यह जानकारी गणितकर्ता व पंचांग के सह संपादक वरुण कुमार झा ने दी है।
कार्यक्रम में प्रतिकुलपति, वित्तीय परामर्शी, अध्यक्ष छात्र कल्याण, कुलानुशासक, कुलसचिव, प्रकाशन प्रभारी, ज्योतिष विभागाध्यक्ष, वेद विभागाध्यक्ष, धर्मशास्त्र विभागाध्यक्ष, वित्त पदाधिकारी एवं विभागों के शिक्षक तथा कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

