
नवजात को रेस्क्यू कर किया गया चाइल्डलाइन के हवाले।
दरभंगा: चाइल्डलाइन की टीम को नवजात न सौंपने और जनप्रतिनिधि द्वारा अवैध ढंग से अपात्र व्यक्ति को गोद दे देने के मामले में जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा संज्ञान लेने के बाद आखिरकार नवजात को नवजात को चाइल्डलाइन के हवाले किया गया। गुरुवार को चाइल्ड लाइन सिंहवाड़ा की टीम मेंबर अर्पणा कुमारी को सिंहवाड़ा थाना परिसर में नवजात को सुपुर्द किया गया।

बताते चलें कि जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक ने सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष को रामपुरा पंचायत के पुरदाहा कब्रिस्तान के पास मिले नवजात बच्ची का रेस्क्यू कर विधि संगत कार्रवाई का निर्देश दिया बुधवार को दिया था। सहायक निदेशक ने अपने पत्रांक 789 दिनांक 19 जुलाई में कहा था कि स्थानीय जनप्रतिनिधि एवम् थाना के असहयोग के कारन अभी तक बच्चे का रेस्क्यू नही हो पाया, जबकि चाइल्ड हेल्प लाइन के टीम लीडर के द्वारा काफी प्रयास किया गया। लेकिन जनप्रतिनिधि के द्वारा किसी को नियम के विरुद्ध बच्चा सौंप दिया गया। जब चाइल्ड लाइन के टीम लीडर के द्वारा नियम का हवाला देकर बच्चा मांगा गया तो लोगो को भड़का कर फसाने की बात की गई। इसमें मुखिया, सरपंच पति और प्रमुख पति की भूमिका संदेह के घेरे में है।

इस मामले को लेकर चाइल्ड हेल्प लाइन के टीम लीडर मनोहर झा ने थानाध्यक्ष और जनप्रतिनिधियो की भूमिका पर सवाल उठाते हुए सहायक निदेशक एवम् बीडीओ को आवेदन दिया था।सहायक निदेशक के पत्र के बाद पुलिस हरकत में आयी और नवजात को रेस्क्यू कर चाइल्ड लाइन की टीम के हवाले किया गया।

