
हवाई किराए पर घमासान जारी, अब गोपालजी ठाकुर ने हिटलर के प्रचार मंत्री से की संजय झा की तुलना!
दरभंगा: दरभंगा एयरपोर्ट से हवाई टिकटों के मूल्य में अप्रत्याशित वृद्धि पर घमासान मच गया है। इस मामले में आरोप प्रत्यारोप का जबरदस्त दौर शुरू हो गया है। गुरुवार को दरभंगा के सांसद गोलाजी ठाकुर ने इसको लेकर बिना नाम लिए बिहार सरकार के जल संसाधन मंत्री संजय झा की तुलना हिटलर के प्रचार मंत्री गोयबल्स के कर दी है।
दअरसल, बिहार के सभी एयरपोर्ट की समस्याओं को लेकर केंद्रीय उड्डयन मंत्री द्वारा बुलाने पर बिहार सरकार के मंत्री संजय झा ने सरकार के प्रतिनिधि के रूप में उनसे मुलाकात की। इस मुलाकात की खबर पर दरभंगा के सांसद गोपालजी ठाकुर बिफर पड़े और बिहार सरकार की मंशा पर सवाल उठा दिया। सांसद गोपाल जी ठाकुर ने इसको लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सवाल पूछे। सांसद की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में सीएम से सवाल किया गया है कि एयर टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) पर राज्य सरकार अन्य राज्यों की अपेक्षा कितना अधिक वैट लगा रही है और इसे कब तक कम करेगी ताकि हवाई किराये में कमी हो सके।

वहीं इसके जवाब में मंत्री संजय झा ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि दरभंगा हवाई अड्डा उड़ान योजना के तहत बना है। इसलिए यहां एयर टरबाइन फ्यूल पर बिहार सरकार का वैट मात्र एक प्रतिशत है जो देश के किसी भी हवाई अड्डे से काफी कम है। यहां टैक्स इसलिए कम किया गया है ताकि यात्रियों को इसका फायदा मिले। पटना एयरपोर्ट उड़ान योजना में नहीं है इसलिए वहां 29 प्रतिशत वैट लगता है। इसके बावजूद दरभंगा की तुलना में पटना से हवाई किराया कम है। उन्होंने कहा कि दरभंगा से वैट के कारण फ्लाइट के टिकट का मूल्य नहीं बढ़ा है, फ्लाइट की संख्या कम होने के कारण कीमत में वृद्धि हुई है। मंत्री ने कहा कि टिकट का मूल्य कम करने के लिए फ्लाइट की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है। अगर विमानन कंपनी दरभंगा से फ्लाइट की संख्या नहीं बढ़ाती है तो उसके एग्रीमेंट को रद्द कर अन्य विकल्प तलाशना होगा।
इसके जवाब में पुनः गोपालजी ठाकुर ने बिना नाम लिए बिहार सरकार के मंत्री संजय झा की तुलना हिटलर के प्रचार मंत्री गोयबल्स से करते हुए आधी अधूरी जानकारी देकर जनमानस को भ्रमित करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रबल इच्छा शक्ति के कारण दरभंगा हवाई अड्डा को उड़ान स्कीम में सम्मिलित किया गया तथा इस स्कीम में इस हवाई अड्डे से स्पाइस जेट को यात्री विमान परिचालन की अनुमति प्रदान की गई तथा भारत सरकार ने तीन शहरों यथा- मुंबई,दिल्ली एवं बेंगलुरु के लिए एक-एक यात्री विमान परिचालन में 1%मात्र(एयर टर्बाइन फ्यूल) पर टैक्स का प्रावधान कर दिया ताकि यात्रियों एवं कम्पनी को सहूलियत प्रदान हो सके। बाद में जब यही कम्पनी दरभंगा हवाई अड्डा से यात्रियों की भारी संख्या में यात्रा करने से एक से अधिक विमान का परिचालन करना प्रारंभ किया। इसके बाद इंडिगो कंपनी ने भी यहाँ से विमान परिचालन प्रारंभ किया तो उससे (एयर टर्बाइन फ्यूल) पर बिहार सरकार ने 29%VAT वसूलना प्रारंभ कर दिया। देश में अन्य राज्यों से यदि तुलना की जाय तो शायद सबसे अधिक वैट बिहार सरकार वसूलती है। जहाँ गुजरात में लगभग 5% कर्नाटक में लगभग 12.5%उत्तर प्रदेश में लगभग 5-10%के बीच तथा कई राज्यों में तो और भी कम है।तो फिर बिहार में वैट 29% क्यों लिया जाता है। जनता- जनार्दन बिहार सरकार से जानना चाहती है। दरभंगा एयरपोर्ट के संदर्भ में बिहार सरकार को जबाब देना होगा।

इसके अलावा उन्होंने एयरपोर्ट के लिए प्रस्तावित 78 एकड़ भूमि अधिग्रहण एवं जंगली जानवर से हवाई अड्डा के लिए उतपन्न खतरा आदि समस्याओं पर भी सवाल उठाया है। साथ ही उन्होंने मंत्री को सलाह देते हुए कहा है कि दिल्ली घूमने से अच्छा पटना में समाधान खोजें क्योंकि दिल्ली सरकार तो भूमि अधिग्रहण की कब से प्रतीक्षा कर रही है। बिहार सरकार भूमि दे दे तो दिल्ली सरकार भव्य एयरपोर्ट मिथिला को देगी। इसलिए इधर-उधर की बात ना करके तथा मिथिला के साथ साजिश बंद करें।

