
जिले के विभिन्न कार्यालयों के लंबित समादेश याचिका एवं अवमानना वाद की हुई समीक्षा।
दरभंगा: समाहरणालय सभागार में डीएम सह जिला दंडाधिकारी राजीव रौशन की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें पटना हाईकोर्ट में दरभंगा जिले के विभिन्न कार्यालयों के लंबित समादेश याचिका एवं अवमानना वाद की समीक्षा हुई। बैठक में कार्यालयवार शमादेश याचिकाके लंबित वादों की समीक्षा की गई। वैसे कार्यालय जहां समादेश याचिका से जुड़े लंबित वादों की संख्या अधिक है तथा उनके विरुद्ध शपथ दायर नहीं किया गया है, उनसे कारणपृच्छा करते हुए उनका वेतन अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। इनमें सदर, बहेड़ी, घनश्यामपुर, कुशेश्वरस्थान पूर्वी व बिरौल के सीओ तथा बहेड़ी के बीडीओ का वेतन स्थगित किया गया है। वहीं, बेनीपुर बीडीओ के लगातार बैठक से अनुपस्थित रहने को गंभीरता से लेते हुए उनसे कारणपृच्छा की गई है।

ही अपर समाहर्ता कार्यालय, जिला प्रोग्राम कार्यालय, समेकित बाल विकास योजनाएं, जिला भू-अर्जन कार्यालय, जिला पंचायत कार्यालय, सदर अनुमंडल कार्यालय, बेनीपुर एवं बिरौल, डीसीएलआर कार्यालय सदर, बिरौल एवं बेनीपुर, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल कार्यालय, पीएचईडी कार्यालय दरभंगा, नगर निगम कार्यालय, दरभंगा, नगर परिषद बेनीपुर, राज्य खाद्य निगम, सिविल सर्जन कार्यालय, जिला खनन कार्यालय, डीएमसीएच कार्यालय, बिहार राज्य आवास बोर्ड कार्यालय, जिला कृषि कार्यालय, कोषागार कार्यालय दरभंगा एवं जिला भविष्य निधि कार्यालय के लंबित वादों की समीक्षा की गई तथा सभी संबंधित पदाधिकारी को एक सप्ताह के अंदर समादेश याचिका के लंबित मामले में जिले के किसी विद्वान अधिवक्ता से जवाब तैयार करवाकर उच्च न्यायालय में दायर कर शपथ संख्या उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया।
डीएम ने निर्देशित किया कि किसी भी विद्वान अधिवक्ता से जवाब तैयार करवाया जा सकता है। इसके लिए 1500 रुपये मानदेय निर्धारित है। बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी सदर स्पर्श गुप्ता, अपर समाहर्ता राजेश झा राजा, उप निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, सिविल सर्जन अनिल कुमार, डीसीएलआर सदर राकेश कुमार रंजन, बिरौल एसडीओ संजीव कुमार कापर, बेनीपुर एसडीओ शंभू नाथ झा, प्रभारी पदाधिकारी विधि शाखा ललित राही, जिला पंचायती राज पदाधिकारी आलोक राज एवं संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे

