Home Featured विकास मित्र के असमायिक निधन से पंचायत में छाया मातम।
Featured - मुख्य - October 7, 2022

विकास मित्र के असमायिक निधन से पंचायत में छाया मातम।

दरभंगा: अलीनगर प्रखंड के धमुआरा गांव निवासी स्व. हरिनारायण राम के पुत्र सह गृह पंचायत के विकास मित्र रमण कुमार राम(40) की मृत्यु बीते गुरुवार की रात अचानक हृदय गति का रुक जाने के कारण हो गई।

बताया जाता है कि मृतक रमण कुमार दशहरा के मौके पर मायके में रह रही शिक्षिका पत्नी शालिनी के पास ससुराल गया था। साथ में पत्नी की बहन सह बड़ी भाभी प्रमिला कुमारी(शिक्षिका) भी गई थी। दशहरा की समाप्ति के बाद गुरुवार को भाभी को लेकर घर आया ही था। रात में हंसता खेलता रमण अपने साथियों के साथ टीवी पर क्रिकेट देख घर गया और खाना खाया। कुछ देर बाद पहले खांसी हुई फिर सीना में दर्द की बातें कहकर चिल्लाने लगा। इतने में भैया-भाभी सहित परिजनों का चिल्लाने पर अन्य लोग दौड़े।

आनन फानन में परिजनों ने अन्य लोगों के सहयोग से अस्पताल ले जाने को निकला। लेकिन रास्ते में ही मृतक ने अपने जीवन की अंतिम सांसे ले लेते हुए दुनियां को अलविदा कह गए। इसके बाद तो परिवार में कोलाहल मच गई। रात भर परिजनों की चीत्कार से धमुआरा गांव मातमी सन्नाटा में तब्दील हो गया।

Advertisement

इधर पति की मृत्यु की खबर सुनते ही शिक्षिका पत्नी व दोनों पुत्र रात में ही घर पहुंचे तो उसकी दहाड़े सुन हर किसी के आंखों से आंसू की धारा रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था। जबकि पत्नी बार-बार बेहोश होकर गिर जा रही थी। तो वहीं पुत्र आदित्य राज (15) और शशांक राज(12) को भी संभालना मुश्किल हो रहा था। बताया जाता है कि मृतक की पत्नी सकरी-मुर्तुजापुर के बगल मनीगाछी प्रखंड के उफरदाहा मध्य विद्यालय में शिक्षिका है।

विकास मित्र रमण कुमार राम के मृत्यु की खबर सुनते ही शुक्रवार को बीडीओ रघुवर प्रसाद, सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू सिंह, राजीव कुमार, मो. कमाल, प्रखंड के अन्य विकास मित्र, मछुआ सोसायटी के मंत्री विजय मुखिया, पंसस लड्डू साहु सहित अन्य गणमान्य लोग उसके घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना देते हुए हिम्मत के साथ काम लेने को ढाढस बंधाया। मौके पर बीडीओ ने कहा कि मृतक रमण राम काफी लगनशील और मिलनसार प्रवृत्ति का आदमी था। जिसकी कमी गांव समाज को ही नहीं बल्कि प्रखंड कार्यालय को भी लंबे अवधि तक महसूस होती रहेगी।

वहीं पप्पू सिंह ने दोनों पुत्र आदित्य और शशांक को हौसला बंधाधे हुए कहा कि परिवार के ऊपर विपत्ति का तो पहाड़ टूट ही पड़ा है। लेकिन इस समय तुम्हें कुछ ज्यादा ही धैर्य और हौसला से काम लेते हुए पहले मां को संभालने की आवश्यकता है। इसलिए पति का साथ छूट चुकी मां के लिए कर्तव्य रूपी शक्ति बनकर हौसला बुलंद करने की जरूरत है। जो बिना धैर्य और साहस से संभव नहीं है।

Advertisement

दूसरी ओर बीडीओ रघुवर प्रसाद के नेतृत्व में प्रखंड कार्यालय पर सभी कर्मियों द्वारा शोक सभा की गई। जिसमें मृतक रमण के कार्य कुशलता पर चर्चाएं करते हुए दो मिनट का मौन धारण कर मृत आत्मा की शांति और सदगति की प्राप्ति को ईश्वर से प्रार्थना की

Share