Home Featured जेपी के राजनीतिक विचारों की समकालीन प्रासंगिकता विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन।
Featured - मुख्य - October 11, 2022

जेपी के राजनीतिक विचारों की समकालीन प्रासंगिकता विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन।

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दरभंगा: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के पीजी राजनीति विज्ञान विभाग में जेपी की 121वीं जयंती पर मंगलवार को ‘जेपी के राजनीतिक विचारों की समकालीन प्रासंगिकता विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. जितेंद्र नारायण ने की। उद्घाटन सत्र में अतिथियों का स्वागत व परिचय विभागाध्यक्ष प्रो. जितेंद्र नारायण ने कराया।

कुलपति सह मुख्य अतिथि प्रो. सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने अपने कर्मयोग से अपने दर्शन को स्थापित किया है। वैसे गौर करें तो स्पष्ट हो जाता है कि जेपी राजनीतिक दार्शनिक से अधिक एक सामाजिक दार्शनिक अधिक थे। इन्होंने जीवन भर साधारण जन के कल्याण के लिए संघर्ष किया। जेपी राजनीतिक भ्रष्टाचार को सभी सामाजिक समस्याओं की जड़ मानते थे। इसे दूर करने के लिए उन्होंने लोकनीति को राजनीति में स्थापित करने पर बल दिया। जेपी ऐसी क्रांति चाहते थे जिसमें समग्रता हो। प्रतिकुलपति प्रो. डॉली सिन्हा ने कही कि देश में अभी भी भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और महंगाई है और इसीलिए जेपी के राजनीतिक विचार प्रासंगिक हैं। कुलसचिव प्रो. मुश्ताक अहमद ने कहा कि आजादी के बाद अवाम को अपने साथ जोड़ने का जो प्रयोग जेपी ने किया वो अद्भुत है। वे सबको साथ लेकर चलने के हिमायती थे। विशिष्ट अतिथि बेरहामपुर विश्वविद्यालय, ओडिशा के पूर्व विभागाध्यक्ष सह सेवानिवृत्त शिक्षक प्रो. विष्णु चौधरी ने अपने संबोधन में जेपी के संपूर्ण कालखंड को उकेरा। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या के पूर्व कुलपति सह विशिष्ट अतिथि प्रो. मनोज दीक्षित ने कहा कि जेपी सिर्फ एक व्यक्ति नहीं बल्कि अपने आप में राजनीतिक विचारों की क्रांति के रूप में जाने जाते हैं।

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विशिष्ट अतिथि जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा के पूर्व विभागाध्यक्ष सह सेवानिवृत्त शिक्षक प्रो. सरोज वर्मा ने कहा कि बिहार की राजनीति पर जेपी साहब का आजतक गहरा असर रहा है। विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान के प्रो. मिहिर भोले व भारतीय लोक प्रशासन संस्थान, पटना के सचिव प्रो. आरके वर्मा ने भी अपने विचार रखे।

दूसरे तकनीकी सत्र में इतिहास विभाग के प्रो. पीसी मिश्रा, डॉ. आमिर अली खान, मिल्लत कॉलेज के डॉ. मो. जमशेद आलम, राजनीति विज्ञान विभाग के प्रो. मुकुल बिहारी वर्मा, रघुवीर कुमार रंजन, नीतू कुमारी, छात्र संदीप चौधरी, दीपक झा, सिद्धार्थ कुमार, प्रदीप कुमार सहित दर्जनों शोधार्थियों व छात्र- छात्राओं ने भी अपना पेपर प्रेजेंटेशन किया। मंच संचालन पूर्व सीसीडीसी सह विभागीय शिक्षक प्रो. मुनेश्वर यादव जबकि धन्यवाद ज्ञापन विभागीय शिक्षक प्रो. मुकुल बिहारी वर्मा ने किया। तकनीकी सहयोग आईटी एक्सपर्ट ई गणेश पासवान ने दिया।

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