
विकास के लिए आवश्यक है गतिशीलता: कुलपति।
दरभंगा: विकास के लिए गतिशीलता आवश्यक है। जो जकड़ा हुआ है, उसकी प्रगति अवरुद्ध हो जाती है। किसी भी क्षेत्र में जीवन्तता बदलाव से ही संभव है। आज हमारा विश्वविद्यालय बिहार में एक नव बदलाव का वाहक बन रहा है। ये बातें ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेन्द्र प्रताप सिंह ने कही। वे मंगलवार को विवि के परीक्षा विभाग की ओर से जुबली हॉल में ‘प्रायोगिक, मौखिक की परीक्षा के अंक पत्र पोर्टल के माध्यम से तैयार करने के निमित्त आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन करने के बाद अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। कुलपति ने कहा कि व्यापक छात्रहित में डिजिटल फॉर्म के लिए विश्वविद्यालय बदलाव के पथ पर अग्रसर है। अंक पत्र की तालिका के पोर्टल के शुरू होने से परीक्षा केन्द्रों से ही अंकों की पोस्टिंग होने से गलतियों की संभावनाएं नगण्य होंगी। इससे पारदर्शिता के साथ ही अनुचित दबाव भी स्वत: समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शीघ्र ही ई-लाइब्रेरी की भी सुविधा देने जा रहा है, जिससे छात्र कहीं से भी आसानी से इसका लाभ उठा सकेंगे। कुलपति ने बताया कि पूर्व की डाटा कंपनी की गलती के कारण उत्पन्न विपरीत परिस्थिति में भी विश्वविद्यालय परीक्षा परिणामों को निकालने में सफल हो पाया है। अब विश्वविद्यालय अधिक सावधानी से अपने कार्यों के संपादन की ओर गतिशील है।

समापन संबोधन में प्रतिकुलपति प्रो. डॉली सिन्हा ने कहा कि ऑनलाइन मार्किंग व्यवस्था से परीक्षा परिणाम में शीघ्रता के साथ ही छात्रों, कॉलेजों एवं विश्वविद्यालय को भी काफी सुविधा होगी। यहां मेधा की कोई कमी नहीं है, पर हमें कंप्यूटराइजेशन में आगे बढ़ना होगा, ताकि नैक मूल्यांकन में भी दिक्कत न हो। स्वागत संबोधन में कुलसचिव प्रो. मुश्ताक अहमद ने कहा कि प्रधानाचार्यों के सहयोग से विश्वविद्यालय एक-एक कदम आगे बढ़ रहा है। इस तकनीक से छात्रों को काफी लाभ होगा तथा प्रधानाचार्यों को भी कठिनाइयों से छुटकारा मिलेगा। साथ ही प्रायोगिक परीक्षाओं के अंक उसी दिन विश्वविद्यालय को प्राप्त हो जाएंगे। तकनीकी सत्र में विशेषज्ञ जितेन्द्र गौतम ने प्रोजेक्टर के माध्यम से ऑनलाइन पोर्टल की जानकारी दी। अंतिम प्रश्नोत्तर सत्र में प्रधानाचार्यों एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों के विभिन्न प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर डॉ. अवनि रंजन सिंह ने दिया।
कार्यशाला में प्रधानाचार्यों एवं पोर्टल संबंधित व्यक्तियों के अतिरिक्त परीक्षा परामर्श समिति के सदस्य प्रो. विमलेन्दु शेखर झा, डॉ. अवनि रंजन सिंह, प्रो. अशोक कुमार मेहता, प्रो. अरुण कुमार सिंह, आइक्यूएसी निदेशक डॉ. मो. जिया हैदर, विकास पदाधिकारी प्रो. सुरेन्द्र कुमार, प्रेस एवं मीडिया प्रभारी डॉ. आरएन चौरसिया आदि के साथ ही परीक्षा विभाग के सभी कर्मी भी उपस्थित थे।
अतिथियों का स्वागत परीक्षा नियंत्रक डॉ. आनंद मोहन मिश्र ने किया। दूरस्थ शिक्षा निदेशक प्रो. अशोक कुमार मेहता के संचालन में आयोजित कार्यशाला में धन्यवाद ज्ञापन परीक्षा नियंत्रक डॉ. आनंद मोहन मिश्र ने किया।

