
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने पावरग्रिड विश्राम सदन का किया उद्घाटन।
दरभंगा: मिथिला क्षेत्र के दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच) में पावरग्रिड द्वारा सीएसआर के अंतर्गत बनाए गए “पावरग्रिड विश्राम सदन” का उद्घाटन आरके सिंह, कैबिनेट मंत्री, विद्युत नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, भारत सरकार द्वारा किया गया।
इस अवसर पर दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर, नगर विधायक संजय सरावगी, विधायक केवटी मुरारी मोहन झा एवं विधान पार्षद हरी सहनी उपस्थित थे।

केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने संबोधित करते हुए कहा की पावरग्रिड के इस सामाजिक कार्य की सराहना की एवं कहा कि इस विश्राम सदन के बनने से मिथिला क्षेत्र के सुदूर क्षेत्रों जैसे दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, समस्तीपुर एवं मुजफ्फरपुर इत्यादि से आए मरीजों के परिजनों को सुविधा मिलेगी।
उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा की देश के मजबूत विद्युत परिप्रेक्ष्य के विषय में चर्चा में की और भारत सरकार के 24×7 पावर फॉर ऑल यानि चौबीस घंटे बिजली की उपलब्धता एवं गुणवत्ता बढ़ाने के प्रयासों की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि लगभग 5285 वर्ग मीटर क्षेत्र में बने इस पांच मंजिलें पावरग्रिड विश्राम सदन की क्षमता 260 बेडों की है एवं इसे लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है।

डीएमसीएच में प्रतिदिन लगभग 2000 मरीज इलाज के लिए आते हैं जिनके साथ उनके परिजन आदि भी सेवा एवं देखभाल के लिए आते हैं। इस भवन में मरीजों के परिजनों हेतु समुचित व्यवस्थाएं एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। जिससे कि उनका प्रवास सुलभ एवं सुविधाजनक हो सके।
पावरग्रिड ने सीएसआर के तहत तीन विश्राम सदनों का निर्माण किया है, जहां मरीजों के साथ आये परिजनों के ठहरने की व्यवस्था उपलब्ध है। ये विश्राम सदन एम्स, नई दिल्ली, आईजीआईएमएस, पटना तथा के जीएमयू, लखनऊ में स्थित हैं एवं प्रतिदिन भारी संख्या में आ रहे मरीजों एवं उनके परिजनों के ठहरने हेतु सुविधा एवं विशेष राहत प्रदान कर रहे हैं। इसी श्रृंखला में पावरग्रिड द्वारा चार अन्य ऐसे ही विश्राम सदनों का निर्माण रांची, वड़ोदरा, बैंगलोर और गुवाहाटी में किया जा रहा है।
विश्व की विशालतम पारेषण उपयोगिताओं में से एक, पावरग्रिड अपनी सीएसआर पहलों के अंतर्गत पूरे भारत में कई परियोजनाओं का संचालन कर रहा है। जिसमें कि बिहार राज्य में कई परियोजनाएं सम्मिलित है, इन परियोजनाओं में प्रमुख है भोजपुर जिले (आरा) में ग्रामीण विकास परियोजनाएं है जैसे कि सड़क निर्माण, सामुदायिक केंद्र इत्यादि बिहार के किशनगंज में महानंदा नदी के दाहिने तट पर बोल्डर रिवेटमेंट का निर्माण, राज्य भर में नम्मा शौचालयों की स्थापना।

विश्व की विशालतम पारेषण उपयोगिताओं में से एक पावरग्रिड अपनी सीएसआर पहलों के अंतर्गत ग्रामीण विकास, शिक्षा, हेल्थकेयर, कौशल विकास, पर्यावरण, पेयजल, जल संरक्षण और स्वच्छता से संबंधित परियोजनाओं के संचालन से देश के आर्थिक व सामाजिक विकास में अहम भूमिका निभा रहा है।

