
धावा दल की टीम ने गैरेज से बाल श्रमिक को कराया मुक्त।
दरभंगा: श्रम अधीक्षक राकेश रंजन ने बाल श्रमिकों की विमुक्ति के लिए दरभंगा नगर निगम एवं सदर अनुमंडल क्षेत्र अन्तर्गत विभिन्न दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में शुक्रवार को जांच अभियान चलाया।
इस दैरान धावा दल की टीम ने सिंहवाड़ा के भरवाड़ा स्थित पप्पू मोटर गैरेज से एक बाल श्रमिक को विमुक्त कराया। उन्होंने बताया कि विमुक्त बाल श्रमिक को बाल कल्याण समिति, दरभंगा के समक्ष उपस्थापित कर निर्देशानुसार उसे बाल गृह में रखा गया है।
इसके साथ ही नियोजक के विरुद्ध संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। श्रम अधीक्षक ने बताया कि बाल श्रमिकों से किसी भी दुकान या प्रतिष्ठान में कार्य कराना गैर कानूनी है। बाल श्रमिकों से काम कराने वाले व्यक्तियों के लिए 20 हजार से 50 हजार रुपये तक तक का जुर्माना और दो वर्षों तक कारावास का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि धावा दल ने दरभंगा नगर निगम क्षेत्र एवं दरभंगा अनुमण्डल क्षेत्र स्थित सभी दुकानों व प्रतिष्ठानों में सघन जांच की तथा सभी नियोजकों से किसी भी बाल श्रमिक को नियोजित नहीं करने के लिए एक शपथ पत्र भरवाया गया तथा सभी दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में बाल श्रम मुक्त परिसर से संबंधित स्टीकर भी चिपकाया गया। श्रम अधीक्षक ने कहा कि धावा दल नियमित रूप से प्रत्येक सप्ताह संचालित होगा तथा दरभंगा शहर के साथ-साथ सभी अनुमण्डल व प्रखण्ड मुख्यालयों में भी जांच की जाएगी।

गौरतलब है कि 14 नवम्बर को देश में बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है, जबकि 20 नवम्बर को सम्पूर्ण विश्व में बाल दिवस मनाया जाता रहा है। इस वर्ष 14 नवम्बर से 20 नवम्बर की अवधि में सरकार एवं महत्वपूर्ण घटक यूनिसेफ द्वारा चाइल्ड राइट वीक (बाल अधिकार सप्ताह) मनाया जा रहा है। इसमें श्रम आयुक्त, पटना के निर्देश के आलोक में कुशल युवा केन्द्र और सभी प्रखंड में चाइल्ड राइट वीक मनाया जा रहा है।

