
दो दिवसीय कृषि यांत्रिकीकरण मेला का हुआ आयोजन, सब्सिडी रेट पर किसानों को मिलेगा कृषि यंत्र।
दरभंगा: कृषि यांत्रिकीकरण मेला का दो दिवसीय आयोजन शुक्रवार को नेहरू स्टेडियम में शुरू हुआ। बतौर मुख्य अतिथि मंत्री मदन सहनी ने कहा कि किसान अन्नदाता ही नहीं, पूजनीय भी हैं। 10-15 साल पहले खेती से किसान मुंह मोड़ चुके थे। उसके बाद सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के कारण फिर से किसानों ने खेती प्रारंभ कर दिया है।
उन्होंने कहा कि मिथिला में मखाना का अच्छा उत्पादन होता है। इसलिए सरकार मखाना को विदेश भेजने की तैयारी कर रही है। खेती करने में कृषि यांत्रीकरण का महत्वपूर्ण योगदान होता है। यंत्र का उपयोग कर किसानों को खेती करना आसान हो गया है।
डीएम राजीव रौशन ने कहा कि किसान ही है, जो मेहनत कर धरती का सीना चीर कर अन्न का उत्पादन करते हैं। आज कृषि क्षेत्र में आधुनिकीकरण को लेकर हम लोग उत्पादन काफी मात्रा में कर रहे हैं। पहले अनाज का आयात करना पड़ता था। अब हम लोग निर्यात कर रहे हैं। हायाघाट विधायक रामचंद्र प्रसाद ने कहा कि खेती करने में पानी की अहम भूमिका होती है। मेरे विधानसभा क्षेत्र में 34 नलकूप है। परंतु उसमें से मात्र दो नलकूप ही चालू है। बेनीपुर विधायक अजय चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने देश में सबसे पहले कृषि रोड मैप बनाया। जिसके चलते कृषि क्षेत्र में बिहार काफी आगे बढ़ा।

उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि पंचायत में किसान चौपाल लगाया जाता है। उसमें किसानों को अच्छी जानकारी दी जाती है। उसमें वे लोग जरूर भाग लें। साथ ही किसानों को जागरूक करने के लिए जो होर्डिंग लगाया जाता है, उसमें सारी जानकारी रहती है, इसे अवश्य पढ़ें। जिला कृषि पदाधिकारी संजय कुमार सिंह ने कहा कि आजकल मजदूरों की कमी हो गई है। इसलिए खेती करने में कृषि यांत्रीकरण की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इस बार दरभंगा जिला में लगभग चार करोड़ रुपया यांत्रीकरण के लिए मिला है। किसानों को 90 प्रकार के यंत्र में सब्सिडी दी जाती है।
इस मेले का मुख्य उद्देश्य है, किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र की जानकारी प्राप्त हो। आज 100 किसानों को सब्सिडी रेट पर कृषि यंत्र मिलेगा। मौके पर डीडीसी अमृषा बैस, परियोजना निदेशक आत्मा पूर्णेन्दु नाथ झा, डीडीएम नाबार्ड आकांक्षा कुमारी, सहायक निदेशक उद्यान आभा कुमारी, सहायक निदेशक पौधा संरक्षण सीमा कुमारी, सहायक निदेशक कृषि अभियंत्रण शंभू कुमार, सहायक निदेशक रसायन कुणाल कुमार, सहायक निदेशक बीज परीक्षण अमित रंजन, सदर एसएओ हरिमोहन मिश्रा, बेनीपुर एसएओ प्रीति सुंदरम, बिरौल एसएओ कविता कुमारी के साथ सभी प्रखंडों के प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, सलाहकार सहित किसान मौजूद थे।

