
कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय सेमिनार का हुआ समापन, मंत्री सहित कई दिग्गजों ने लिया भाग।
दरभंगा: मिथिला प्राचीन काल से ज्ञान की भूमि रही है। मिथिला के केंद्र दरभंगा में स्थित ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय का भवन भव्य है। यह दरभंगा महाराज द्वारा निर्मित अनूठा भवन है। उसी अनुरूप पठन-पाठन के मामले में भी मिथिला विवि की प्रतिष्ठा कैसे हो, इसके लिए हम सब को मिलकर सोचना होगा।
यह बात सूबे के जल संसाधन सह सूचना व जनसंपर्क मंत्री संजय कुमार झा ने कही। वे रविवार को विवि के जुबली हॉल में आयोजित अखिल भारतीय विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के 14वें महाधिवेशन सह राष्ट्रीय सेमिनार के समापन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री झा ने कहा कि विवि में शिक्षा का स्तर बेहतर हो, परीक्षा समय पर हो, इसमें कुलपति सबसे बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। बिहार सरकार उच्च शिक्षा के लिए विश्वविद्यालयों को करोड़ों रुपये देती है, लेकिन कुलपति की नियुक्ति और उनकी जिम्मेदारी तय करने में राज्य सरकार की भूमिका बहुत सीमित है। राज्य सरकार उच्च शिक्षा पर जो राशि खर्च करती है, उसका पर्याप्त लाभ विद्यार्थियों को मिले, कक्षाएं नियमित रूप से चले और परीक्षा समय पर हो, इसके लिए जिम्मेदारी तय करने की जरूरत है। सरकार के साथ-साथ प्रोफेसरों और कर्मचारियों को भी देखना चाहिए कि बिहार में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की व्यवस्था कैसे दुरुस्त हो, उच्च शिक्षा की स्थिति कैसे सुधरे, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके, उनका साल बर्बाद नहीं हो और उन्हें मजबूरी में उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्य में नहीं जाना पड़े। इसमें कुलपति यदि चाहें तो सबसे बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही, कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया पारदर्शी और ऐसी होनी चाहिए, जिससे बिहार के विवि के प्रति लोगों का भरोसा बढ़े।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रोफेसर के साथ-साथ विवि कर्मियों के हित में भी निरंतर कदम उठाती रही है। फिर भी यदि कर्मियों की कोई समस्या है तो वे उसे महासंघ का प्रतिनिधि बनकर राज्य सरकार तक पहुंचाएंगे और समाधान के लिए प्रयास करेंगे। कार्यक्रम में समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी व जदयू जिलाध्यक्ष गोपाल मंडल भी थे।
उधर, अंतिम सत्र में राष्ट्रीय कार्यकारणी, पदाधिकारियों और सदस्यों का निर्वाचन हुआ। राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में भवानी शंकर होता, कार्यकारी अध्यक्ष एमबी सज्जन, राष्ट्रीय महासचिव अंजान घोष, उपाध्यक्ष में बिहार से शंकर यादव, एकल पद संयुक्त सचिव के पद पर राघवेन्द्र कुमार सिंह, सदस्य के रूप में रामकुमार, मनोज कुमार राम, डॉ. मंजू राउत, अशोक कुमार अरविंद, डॉ. रविन्द्र कुमार मिश्र, डॉ. राजेश्वर राय, विमल झा, नसीम अख्तर, बाबू प्रिया, अमृत नाथ झा और सरोज का चयन हुआ। ईस्ट जोन में गौरव और संजीव कुमार सिंह का निर्वाचन हुआ।
कार्यकारणी में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में रामसेवक भारती नकबी को मनोनीत किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष और महासचिव ने अच्छी व्यवस्था के लिए लनामि विवि अध्यक्ष शंकर सिंह, सचिव मनोज राम और कोषाध्यक्ष अमृत नाथ झा की सराहना की। मौके पर संस्कृत विवि अध्यक्ष अनिल कुमार झा, सचिव सुनील कुमार सिंह, संगठन मंत्री रवीन्द्र मिश्रा, बिहार विवि के गौरव, राम कुमार, संजीव, धीरेन्द्र सिंह आदि थे।

